गुजरात के पाटीदार नेता हार्दिक पटेल ने अपना आमरण अनशन तोड़ दिया है. बुधवार को उनके निवास स्थान पर पाटीदार समुदाय के नेता सीके पटेल, नरेश पटेल और जयराम पटेल ने उन्हें नींबू और नारियल पानी पिलाकर उनका अनशन तुड़वाया. इससे पहले पाटीदार समुदाय को आरक्षण का लाभ दिए जाने और किसानों की कर्ज माफी जैसे मुद्दों को लेकर वे बीते महीने की 25 तारीख को अनशन पर बैठे थे.

द इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक पाटीदार समुदाय के दो प्रमुख सामाजिक और धार्मिक निकायों खोडलधाम और उमियाधाम की तरफ से बुधवार को हार्दिक पटेल से अनशन खत्म करने अपील की गई थी. इसके साथ ही इन निकायों की तरफ से यह भी कहा गया था कि अपने समुदाय के लिए उन्हें जीवित रहकर लड़ाई लड़नी है. इसके बाद हार्दिक पटेल ने अपना अनशन खत्म करने का फैसला किया था.

हार्दिक पटेल के अनशन के दौरान प्रकाश आंबेडकर, शत्रुघ्न सिन्हा, यशवंत सिन्हा, हरीश रावत, जिग्नेश मेवाणी जैसे विभिन्न राज​नीतिक दलों से संबंध रखने वाले नेताओं ने उनसे मुलाकात की थी. इस बीच बीते मंगलवार को हार्दिक पटेल से उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने अनशन तोड़कर अपनी मांगों को रखने के लिए दूसरे रास्ते अपनाने के लिए कहा था.

इस अनशन के दौरान सात सितंबर को तबियत बिगड़ जाने के बाद हार्दिक पटेल को अस्पताल में भर्ती कराया गया था. दो दिन अस्पताल में रहने के बाद जब उन्हें वहां से छुट्टी मिली तो इसके बाद उन्होंने अपने घर से ही अनशन जारी रखे जाने की घोषणा की थी.