भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कप्तान सरदार सिंह ने अंतरराष्ट्रीय हॉकी से संन्यास ले लिया है. इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक 32 वर्षीय सरदार सिंह ने यह घोषणा करते हुए कहा है, ‘मैंने अपने करियर में 12 साल तक हॉकी खेली है. यह काफी लंबा अरसा होता है. अब समय आ गया है कि अगली पीढ़ी को मौका दिया जाए.’ सरदार सिंह इंडोनेशिया के जकार्ता में आयोजित एशियन गेम्स में हिस्सा लेने वाली भारतीय टीम में भी शामिल थे. इस टूर्नामेंट में भारतीय टीम ने कांस्य पदक जीता था.

अपने संन्यास की घोषणा करते हुए सरदार सिंह ने यह भी कहा, ‘मैंने यह फैसला चंडीगढ़ में अपने परिवार, हॉकी इंडिया व दोस्तों से बातचीत के बाद लिया है. मुझे लगता है कि हॉकी से इतर दूसरी जिंदगी के बारे में सोचने का यह सही समय है.’

सरदार सिंह ने यह फैसला ऐसे समय में लिया है जब ओडिशा में आयोजित होने जा रहे चार सप्ताह के राष्ट्रीय कैंप के लिए हॉकी इंडिया द्वारा चयनित खिलाड़ियों में उनका नाम शामिल नहीं किया गया है. जब सिंह से इस बारे में पूछा गया तो वे इसे टाल गए. उन्होंने आगे बताया कि वे शुक्रवार को नई दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर संन्यास की औपचारिक घोषणा कर देंगे. इसके पहले एशियाई खेलों के दौरान सरदार सिंह ने टोक्यो में आयोजित होने वाले आगामी ओलंपिक में आखिरी बार खेलने की इच्छा जाहिर की थी.

सरदार सिंह 2006 में भारतीय टीम में शामिल किए गए थे और उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ अपना पहला मैच खेला था. वर्तमान हॉकी टीम में वे सबसे काबिल मिडफील्ड खिलाड़ियों में गिने जाते हैं. सरदार सिंह ने अपने 12 साल के करियर में 350 से भी ज्यादा अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं और 2008 से लेकर 2016 तक वे टीम के कप्तान रहे हैं. वे भारतीय हॉकी टीम के सबसे कम उम्र में कप्तान बनने वाले खिलाड़ी भी हैं. सरदार सिंह को 2012 में अर्जुन पुरस्कार और 2015 में पद्मश्री से सम्मानित किया जा चुका है.