‘मेहुल चोकसी को लगता है कि उस पर लगे आरोप बेबुनियाद हैं तो उसे स्वदेश लौटकर अदालत का सामना करना चाहिए.’  

— सलमान खुर्शीद, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता

सलमान खुर्शीद का यह बयान मेहुल चोकसी की तरफ से जारी किए गए एक वीडियो को लेकर आया है. इस वीडियो के जरिये मेहुल चोकसी ने खुद पर लगे आरोपों को बेबुनियाद बताया था. सलमान खुर्शीद का कहना है, ‘देश का कानून सबके लिए एक बराबर है. अगर वह निर्दोष है तो उसे कोर्ट के सामने खड़े होकर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा लगाए गए आरोपों का जवाब देना चाहिए. अगर उसने कुछ गलत नहीं किया है तो निश्चित तौर पर अदालत उसके पक्ष में खड़ी होगी.’


‘वित्त मंत्री से मुलाकात को लेकर दिए गए विजय माल्या के बयान को हल्के में नहीं लिया जा सकता.’  

— अभिषेक मनु सिंघवी, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता

अभिषेक मनु सिंघवी का यह बयान विजय माल्या के एक बयान पर आया है. बुधवार को विजय माल्या ने कहा था कि भारत छोड़ने से पहले उसने वित्त मंत्री के साथ मुलाकात की थी. अभिषेक मनु सिंघवी के मुताबिक, ‘विजय माल्या के शब्दों पर गौर किया जाना चाहिए. विजय माल्या ने अपने बयान में कोई नाम लिए बगैर वित्त मंत्री शब्द का इस्तेमाल किया है. विजय माल्या ने मार्च 2016 में देश छोड़ा था और उस वक्त भी यह पद अरुण जेटली ही संभाल रहे थे.’ उधर विजय माल्या के इस बयान पर अरुण जेटली ने एक ब्लॉग में लिखा है, ‘संसद में एक दिन जब मैं अपने कमरे की तरफ जा रहा था तो विजय माल्या मेरी तरफ दौड़ते हुए आए थे. तब उन्होंने मुझसे कहा था कि मैं सेटलमेंट का आॅफर दे रहा हूं. इस पर मैंने उनसे कहा कि इस बारे में मुझसे बात करने का कोई फायदा नहीं है और उन्हें इस मुद्दे पर बैंकों से बात करनी चाहिए.’


‘कांग्रेस अब देश को और गुमराह नहीं कर सकती.’  

— पीयूष गोयल, केंद्रीय रेल मंत्री

पीयूष गोयल का यह बयान संयुक्त प्र​गतिशील गठबंधन (यूपीए) सरकार के शासनकाल के दौरान बैंकों द्वारा अंधाधुंध तरीके से बांटे गए कर्ज को लेकर आया है. उनका यह भी कहना है कि यूपीए सरकार की गलत नीतियों का ही परिणाम है कि आज बैंकों के फंसे हुए कर्ज (एनपीए) का भारी बोझ उठाना पड़ रहा है. पीयूष गोयल के मुताबिक, ‘साल 2014 में जब नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री पद संभाला तो उस वक्त देश की अर्थव्यवस्था नाजुक दौर से गुजर रही थी. यह भाजपा सरकार और नरेंद्र मोदी के प्रयासों और नीतियों का नतीजा है कि देश आज सही दिशा में प्र​गति कर रहा है.’


‘स्कूल-कॉलेजों में पढ़ने वाले बच्चों को नरेंद्र मोदी जैसे अनपढ़-गंवार के बारे में जानकर क्या मिलेगा?’  

— संजय निरूपम, कांग्रेस के नेता

संजय निररूपम का यह बयान मुंबई के स्कूलों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से संबंधित एक फिल्म दिखाए जाने को लेकर आया है. संजय निरूपम ने यह भी कहा है, ‘आज तक देश को प्रधानमंत्री की शैक्षणिक योग्यता के बारे में सही जानकारी नहीं मिल पाई है. ऐसे प्रधानमंत्री के बारे में जानकर बच्चों को क्या लाभ मिलने वाला है?’ संजय निरूपम की तरफ से पहले भी विवादित बयान दिए जा चुके हैं. बीते दिनों कर्नाटक के राज्यपाल वजुभाई वाला की तुलना उन्होंने कुत्ते के साथ की दी थी. इस पर उन्हें चौतरफा निंदा का सामना करना पड़ा था.


‘बीआरआई परियोजना से चीन ही नहीं बल्कि इसके पड़ोसी देशों को भी लाभ होगा.’  

— मा झानवू, भारत आए चीन के दूत

मा झानवू ने यह बात बुधवार को कोलकाता में कही. इसके साथ ही उन्होंने भारत को एक ‘उभरती अर्थव्यवस्था’ भी बताया. इस दौरान मा झानवू ने यह भी कहा, ‘बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (बीआरआई) चीन की एक अहम योजना है. इसके निर्माण का उद्देश्य दुनिया पर विजय हासिल करना नहीं बल्कि इसे चीन और उसके पड़ोसी देशों के व्यापारिक उद्देश्यों की पूर्ति और आपसी विकास के लिए बनाया जा रहा है. चीन को अपनी इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर विभिन्न एशियाई देशों का समर्थन हासिल है लेकिन भारत ने अब तक उसकी इस पहल पर सहमति नहीं जताई है.