अपने बयान को लेकर वित्त मंत्री अरुण जेटली की प्रतिक्रिया के बाद भगोड़े कारोबारी विजय माल्या ने सफाई दी है. उन्होंने कहा कि मीडिया ने उनके बयान को लेकर गलतफहमी फैलाई. विजय माल्या के मुताबिक उन्होंने साफ कहा था कि वित्त मंत्री से उनकी कोई आधिकारिक मुलाकात नहीं हुई थी. विजय माल्या का कहना था कि वे अरुण जेटली से संसद परिसर में मिले थे और अपने कर्ज का निपटारा करने के लिए तैयार होने की बात कही थी.

इससे पहले विजय माल्या के इस बयान पर विवाद खड़ा हो गया था कि वे देश छोड़ने से पहले वित्त मंत्री अरुण जेटली से मिले थे. इसके बाद अरुण जेटली ने एक फेसबुक पर एक बयान जारी कर कहा था कि 2014 के बाद से उन्होंने कभी भी विजय माल्या को मिलने का वक्त नहीं दिया इसलिए मुलाकात का सवाल ही नहीं उठता. विजय माल्या पर सरकारी बैंकों का करीब नौ हजार करोड़ रु का कर्ज है. लंदन की एक अदालत में उनके भारत प्रत्यर्पण पर सुनवाई चल रही है.