रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि अगर पाकिस्तान भारत के साथ दोबारा बातचीत शुरू करना चाहता है तो उसे आतंकवाद के मोर्चे पर कार्रवाई करनी होगी. हाल में निर्मला सीतारमण को रक्षा मंत्रालय का कार्यभार संभाले एक साल पूरा हुआ है. इस मौके पर टाइम्स ऑफ इंडिया को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कई मुद्दों पर बात की जिनमें पाकिस्तान से संबंध सुधारने, नेपाल के बिमस्टेक अभ्यास से दूर रहने और अमेरिका के साथ हुई 2+2 वार्ता शामिल रहे.

रक्षा मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2014 में साफ संदेश दिया था कि भारत पाकिस्तान से अच्छे संबंध चाहता है. उनका कहना था, ‘उन्होंने (नरेंद्र मोदी) अपने शपथ ग्रहण समारोह में सभी पड़ोसी देशों के राष्ट्राध्यक्षों को न्यौता दिया था. उसके बाद पाकिस्तान के संदर्भ में उन्होंने विशेष रूप से कदम उठाए. लेकिन यह नहीं हो सकता कि पाकिस्तान अपने यहां आतंकवाद को पाले और हम रिश्ते सुधारने के लिए बातचीत करते रहें.’

रक्षा मंत्री ने 26/11 हमलों को याद करते हुए कहा कि 10 साल बाद भी पाकिस्तान ने हमले के लिए जिम्मेदार लोगों को सजा देने के लिए कानूनी कार्रवाई शुरू नहीं की है. उन्होंने कहा, ‘अजमल कसाब के मामले में हमने साबित किया कि भारत में कोर्ट कैसे काम करते हैं. उसे सजा दी गई. पाकिस्तान में फाइलों पर फाइलें भेजने के बाद भी ऐसा कुछ देखने को नहीं मिलता. आतंकवाद और बातचीत साथ-साथ नहीं चल सकते. युद्धविराम उल्लंघन बार-बार होता है और घुसपैठिए भी हमारी सीमाओं में आने की कोशिश कर रहे हैं.’

निर्मला सीतारमण ने नेपाल के बिमस्टेक (बंगाल की खाड़ी बहु-क्षेत्रीय तकनीकी और आर्थिक सहयोग उपक्रम) सैन्य अभ्यास छोड़ कर चीन के सैन्य अभ्यास में शामिल होने पर भी अपनी बात रखी. उन्होंने उन मीडिया रिपोर्टों को खारिज किया जिनमें कहा गया था कि चीन के सैन्य अभ्यास में शामिल होकर नेपाल ने भारत की अनदेखी की है. रक्षा मंत्री ने कहा कि नेपाल ने इस बारे में भारत को उचित सफाई दी है. उन्होंने और कुछ न बताने की बात कहते हुए कहा कि भारत और नेपाल बिमस्टेक में साथ काम कर रहे हैं.

वहीं, राफेल सौदे को लेकर कांग्रेस की तरफ से लगाए जा रहे आरोपों पर रक्षा मंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने सौदे में उल्लिखित सीमाओं के बावजूद संसद में जरूरी तथ्यों को रखा है जिसमें मूल विमान की कीमत भी शामिल है. उन्होंने कहा, ‘कई सवालों के जवाब दिए गए हैं. लेकिन कांग्रेस इस बात से हैरान है कि इस सरकार के चार सालों में भ्रष्टाचार की अफवाह तक जानने को नहीं मिली है.’

इसके अलावा रक्षा मंत्री ने अमेरिका के साथ हुई 2+2 वार्ता को लेकर भी बातचीत की. बातचीत के बाद रक्षा क्षेत्र में भारत के लिए क्या परिणाम निकल कर आए, इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि अमेरिका के साथ हुए कॉमकासा समझौते से दोनों देशों के बीच बेहतर और सुरक्षित संपर्क स्थापित होगा. सीतारमण ने बताया कि अमेरिका से हुई बातचीत में भारत ने अपने रक्षा हितों का पूरा ध्यान रखा है. उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं है कि भारत अमेरिका को सबकुछ बता रहा है. रक्षा मंत्री ने यह भी कहा कि वार्ता के दौरान रूस से एस-400 मिसाइल सिस्टम खरीदने का कोई जिक्र नहीं हुआ. उन्होंने साफ किया भारत रूस के साथ यह सौदा करने जा रहा है.