भगोड़ कारोबारी विजय माल्या के देश छोड़ने से पहले वित्त मंत्री अरुण जेटली से मुलाकात के दावे के बाद कांग्रेस ने उन पर तीखा हमला बोला है. गुरुवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने अरुण जेटली पर गंभीर आरोप लगाए. राहुल गांधी ने कहा कि सरकार रफाल सौदे और विजय माल्या, दोनों प्रकरणों में झूठ बोल रही है. उन्होंने कहा कि विजय माल्या और अरुण जेटली के बीच 15-20 मिनट तक बातचीत हुई. इतना ही नहीं, राहुल गांधी ने अरुण जेटली और विजय माल्या के बीच हुई बातचीत के गवाह के तौर पर कांग्रेस नेता पीएल पुनिया को पेश किया. इससे पहले वित्त मंत्री ने कहा था कि विजय माल्या ने संसद परिसर में उनसे सिर्फ इतना कहा था कि वे बैंकों के कर्ज के निपटारे के लिए तैयार हैं.

लेकिन प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पीएल पुनिया ने दावा किया कि एक मार्च को संसद की गैलरी में जेटली और माल्या के बीच काफी देर तक बातचीत हुई और तीन मार्च को विजय माल्या देश छोड़ कर भाग गए. पीएल पुनिया ने यह भी कहा कि इस बातचीत को देखकर ऐसा माना जा सकता है कि वे एक दूसरे को अच्छी तरह से जानते पहचानते हैं. पीएल पुनिया ने कहा कि इस मीटिंग की पुष्टि संसद के सीसीटीवी फुटेज से की जा सकती है. पीएल पुनिया ने दावा कि अगर सीसीटीवी में बैठक का फुटेज नहीं मिला तो वे राजनीति छोड़ देंगे.

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने अरुण जेटली को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि जब विजय माल्या ने उन्हें लंदन जाने की बात बता दी थी तो उन्होंने सीबीआई या ईडी को सूचित क्यों नहीं किया. इतना ही नहीं, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने इस मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी घेरा है. राहुल गांधी ने वित्त मंत्री अरुण जेटली से यह भी पूछा कि विजय माल्या के ‘रेस्ट्रेन नोटिस’ को ‘इन्फॉर्म नोटिस’ में किसने बदला. उन्होंने कहा, ‘वित्त मंत्री बताएं कि क्या उन्हें पीएम मोदी से ऑर्डर आया था और जेटलीजी तो मोदीजी की ही बात सुनते हैं.’