‘विजय माल्या के खिलाफ जारी लुकआउट नोटिस में ढील न दी जाती तो वह देश नहीं छोड़ पाता.’  

— सुब्रमण्यम स्वामी, राज्यसभा के सांसद

सुब्रमण्यम स्वामी ने यह बात बृहस्पतिवार को एक ट्वीट के जरिये कही है. इस ट्वीट में उन्होंने यह भी लिखा है, ‘विजय माल्या की तरफ से बुधवार को दिए बयान से साफ हो जाता है कि वित्त मंत्री अरुण जेटली के साथ उसकी मुलाकात हुई थी और इस दौरान उसने उन्हें देश छोड़कर जाने की बात भी कही थी.’ सुब्रमण्यम स्वामी आगे लिखते हैं कि विजय माल्या के खिलाफ जारी लुकआउट नोटिस में ‘ब्लॉक’ शब्द की जगह ‘रिपोर्ट’ का इस्तेमाल न किया गया होता तो वह देश नहीं छोड़ पाता. उनके मुताबिक, ‘लुकआउट नोटिस के इस बदलाव में निश्चय ही किसी बड़े स्तर पर दखल की भूमिका रही होगी. ऐसे में प्रधानमंत्री को स्वयं इस मामले को देखना चाहिए ताकि इस भगौड़े की वजह से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर लगे धब्बे को साफ किया जा सके.’


‘विराट कोहली को अभी बहुत कुछ सीखने की जरूरत है, उनमें अनुभव की कमी झलकती है.’  

— सुनील गावस्कर, भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान

सुनील गावस्कर का यह बयान भारत-इंग्लैंड के बीच हाल ही में संपन्न पांच टेस्ट मैचों की सीरीज में भारत की 4-1 से हुई हार के मद्देनजर आया है. सुनील गावस्कर ने इसके साथ ही कहा है, ‘इंग्लैंड से पहले दक्षिण अफ्रीका में खेल गए मैचों के दौरान भी विराट कोहली सही वक्त पर गेंदबाजी में बदलाव का फैसला नहीं कर पाए थे, वहीं खेल के दौरान उन्होंने जो फील्डिंग सजाई वह भी वक्त के मुनासिब नहीं थी.’ उनका यह भी कहना है कि इन छोटी-छोटी चीजों की समझ अनुभव के साथ आती है मगर इन पर ध्यान देते हुए बड़े परिणाम हासिल किए जा सकते हैं.


‘भगोड़ों का साथ देकर मोदी सरकार लुटेरों का विकास कर रही है.’  

— रणदीप सिंह सुरजेवाला, कांग्रेस के प्रवक्ता

रणदीप सिंह सुरजेवाला का यह बयान भगोड़े शराब करोबारी विजय माल्या को लेकर आया है. गुरुवार को एक प्रेस वार्ता के दौरान प्रधानमंत्री पर आरोप लगाते हुए उन्होंने यह भी कहा कि यह सब कुछ नरेंद्र मोदी की निगरानी में चल रहा है. यदि ऐसा न होता तो पुलिस या फिर केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की टीम विजय माल्या को जरूर पकड़ती. इस दौरान रणदीप सिंह सुरजेवाला के अलावा कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी समेत पार्टी के कई अन्य नेताओं ने प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री अरुण जेटली के इस्तीफे की मांग भी की.


‘समाजवाद और साम्यवाद से नहीं बल्कि रामराज से देश का विकास होगा.’  

— योगी आदित्यनाथ, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री

योगी आदित्यनाथ ने यह बात गुरुवार को एक कार्यक्रम के दौरान उत्तर प्रदेश की कांग्रेस व समाजवादी पार्टी की पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए कही है. उनका कहना है कि भाजपा के नेतृत्व वाली मौजूदा सरकार समानता का भाव लेकर काम कर रही है और सरकारी योजनाओं का जरूरतमंदों तक लाभ पहुंचाया जा रहा है. इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि पूर्व सरकारों की तरफ से चलाई गई कल्याणकारी योजनाओं का फायदा जरूरतमंदों तक नहीं पहुंच सका. उसका ज्यादातर फायदा बिचौलियों ने ही उठाया.


‘नरेंद्र मोदी के लिए मैंने किसी अशोभनीय शब्द का इस्तेमाल नहीं किया है.’  

— संजय निरूपम, कांग्रेस के नेता

संजय निरूपम का यह बयान बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अनपढ़ व गंवार कहे जाने वाले अपने बयान को लेकर आया है. गुरुवार को उन्होंने कहा, ‘देश में लोकतंत्र का शासन है और लोकतंत्र में प्रधानमंत्री को ईश्वर नहीं माना जाता. मर्यादा के साथ प्रधानमंत्री को लेकर कोई भी बात कही जा सकती है.’ इस दौरान अपने बयान का बचाव करते हुए सवालिया लहजे में उन्होंने यह भी कहा है कि स्कूल-कॉलेज में पढ़ने वाले बच्चे अगर प्रधानमंत्री से उनकी शै​क्षणिक योग्यता पूछें तो भला उनका क्या जवाब होगा.