भगोड़े घोषित शराब कारोबारी विजय माल्या और केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली के बीच मुलाकात को लेकर कांग्रेस का मोदी सरकार पर हमला लगातार दूसरे दिन भी जारी रहा. इससे जुड़ी खबरों को आज के अधिकतर अखबारों ने पहले पन्ने पर जगह दी है. गुरुवार को राहुल गांधी ने कहा कि सरकार रफाल सौदे और विजय माल्या, दोनों प्रकरणों में झूठ बोल रही है. उनका यह भी कहना था कि अरुण जेटली के दावे के उलट उनकी और विजय माल्या की करीब 15-20 मिनट लंबी मुलाकात हुई थी. वहीं, जेटली-माल्या के बीच मुलाकात के कथित साक्षी रहे कांग्रेस नेता पीएल पुनिया ने कहा कि इसकी पुष्टि संसद के सीसीटीवी फुटेज से की जा सकती है.

उधर, भाजपा अरुण जेटली के बचाव में जुटी हुई दिख रही है. केंद्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि विजय माल्या एक भगोड़ा अपराधी है और उसकी बातों को गंभीरता से नहीं लिया जा सकता. उन्होंने आगे कहा, ‘पीएल पुनिया खुद कन्फ्यूज हैं. वे कभी कहते हैं कि दोनों की बैठे-बैठे बात हुई, कभी कहते हैं चलते-चलते, सबसे पहले पुनिया जी बताएं कि उस वक्त वे वहां क्या कर रहे थे? क्या वे बातचीत में शामिल थे?’ पीयूष गोयल ने यह भी कहा कि लगता है कि पुनिया किसी दबाव में आकर ऐसा बयान दे रहे हैं.

दुर्घटना में शामिल बिना बीमा के वाहन को बेचकर पीड़ित को मुआवजा दिया जाए : सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को एक अहम फैसला सुनाया है. दैनिक जागरण में छपी खबर के मुताबिक शीर्ष अदालत ने कहा है कि दुर्घटना में शामिल बिना बीमा के वाहन को बेचकर पीड़ित को मुआवजा दिया जाए. शीर्ष न्यायालय ने मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल को संबंधित वाहन बेचने की जिम्मेदारी दी है. साथ ही, उच्चतम न्यायालय ने सभी राज्यों को भी इसे लागू करने के लिए 12 हफ्ते का वक्त दिया है. इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने बीती एक सितंबर से नए चार पहिया वाहनों का रजिस्ट्रेशन कराते वक्त थर्ड पार्टी इंश्योरेंस अनिवार्य कर दिया था.

पुलिसकर्मियों के लिए साप्ताहिक अवकाश जनहित में नहीं : छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट

साप्ताहिक अवकाश सहित अन्य मांगों के लिए आंदोलन करने वाले छत्तीसगढ़ पुलिसकर्मियों को हाई कोर्ट ने बड़ा झटका दिया है. दैनिक जागरण के पहले पन्ने पर प्रकाशित खबर के मुताबिक अदालत ने कहा है कि पुलिसकर्मियों को साप्ताहिक अवकाश देना जनहित में नहीं है. इससे पहले इस आंदोलन में शामिल कई पुलिसकर्मियों को सरकार ने बर्खास्त और निलंबित कर दिया था. इस फैसले को राकेश यादव नाम के सिपाही ने हाई कोर्ट में चुनौती दी थी. अदालत में दायर याचिका में साप्ताहिक अवकाश सहित महासमुंद थाना स्थित एसडीपीओ के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की गई थी. हाई कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई जारी रखने की बात कही है.

बिहार : मॉब लिंचिंग के पीड़ितों को राहत पहुंचाने के लिए नीति मंजूर

बिहार सरकार ने मॉब लिंचिंग यानी उन्मादी भीड़ की हिंसा के पीड़ितों को राहत देने के लिए नई नीति बनाई है. उसने इसे तत्काल प्रभाव से लागू भी कर दिया गया है. बिजनेस स्टैंडर्ड के मुताबिक राज्य कैबिनेट ने गुरुवार को बिहार अवैध प्राणदंड और भीड़ हिंसा पीड़ित निवारण योजना- 2018 को मंजूरी दी है. इसके तहत पीडि़तों को तत्काल एक लाख रुपये की आर्थिक मदद देने का प्रावधान है. साथ ही, ऐसे मामलों की सुनवाई भी छह महीने के भीतर फास्ट ट्रैक कोर्ट में पूरी की जाएगी. एक वरिष्ठ अधिकारी ने अखबार को बताया कि राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश को मानते हुए इस स्कीम को मंजूरी दी है. बीते एक हफ्ते के दौरान राज्य में इस तरह की हिंसा में पांच लोगों की हत्या कर दी गई.

तीन तलाक, हलाला और बहुविवाह के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचने वाली शबनम पर एसिड अटैक

मुस्लिम समुदाय में प्रचलित तीन तलाक, हलाला और बहुविवाह के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचने वालीं शबनम पर एसिड अटैक किया गया. नवभारत टाइम्स में प्रकाशित खबर के मुताबिक यह हमला उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में किया गया है. दिल्ली के ओखला में रहने वाली शबनम एक सामाजिक कार्यकर्ता शबीना बेगम से मिलने बुलंदशहर पहुंची थीं. बताया जाता है कि फिलहाल शबनम गंभीर स्थिति में अस्पताल में भर्ती हैं. वहीं, शबीना बेगम की शिकायत पर पुलिस ने शबनम के देवर मुजाहिद और एक अन्य व्यक्ति को गिरफ्तार किया है. बताया जाता है कि शबनम का निकाह मुज्जमिल से 2010 में हुआ था. इसके कुछ साल बाद मुज्जमिल ने शबनम को तलाक दे दिया. शबनम अपने तीन बच्चों के साथ दिल्ली में रहने लगी. इसके बाद मुज्जमिल शबनम पर मुजाहिद के साथ हलाला करने का दबाव बनाने लगा था.