अमेरिका जाने वाले भारतीयों की संख्या में कमी आई है. बीते आठ सालों में यह पहला मौका है जब भारतीयों के अमेरिका जाने में कमी देखने को मिली है. टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक पिछले साल करीब 11.14 लाख भारतीय अमेरिका गए थे. अमेरिकी वाणिज्य मंत्रालय के राष्ट्रीय यात्रा व व्यापार कार्यालय (एनटीटीओ) के मुताबिक यह संख्या 2016 में गए 11.72 लाख भारतीयों के मुकाबले पांच प्रतिशत कम रही.

बीते अप्रैल में एनटीटीओ ने अमेरिका आने वाले दूसरे देशों के लोगों से जुड़े आंकड़े जारी करने पर अस्थायी रोक लगा दी थी. ऐसा अमेरिकी सीमा शुल्क व सीमा संरक्षण (सीबीपी) से प्राप्त आंकड़ों में पाई गईं अनियमितताओं के चलते किया गया था. इस कारण यह नहीं पता चल सका कि 2017 में कितने अंतरराष्ट्रीय यात्री अमेरिका गए. लेकिन बुधवार को एनटीटीओ ने पूर्वानुमान के साथ आंकड़े पेश किए जिनसे पता चला कि भारतीयों के अमेरिका जाने में कमी आई है. इससे पहले साल 2009 में यह कमी देखने को मिली थी. तब 5.5 लाख भारतीय अमेरिका गए थे. यह संख्या 2008 के मुकाबले आठ प्रतिशत कम थी. उसके बाद 2016 तक यह संख्या बढ़ती गई.

ताजा आंकड़ों के लिए कहा जा रहा है कि यह अस्थायी कमी है. एनटीटीओ के पूर्वानुमान के मुताबिक 2018 से 2022 के बीच यह संख्या बढ़ेगी. यात्रा उद्यम से जुड़े सूत्रों का कहना है कि बीते सालों में भारत से होने वाली अंतरराष्ट्रीय यात्राओं में 10 से 12 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है. एक ट्रैवल एजेंट ने अखबार को बताया, ‘हाल के समय में यह धारणा बनी है कि अमेरिका की यात्रा करना और मुश्किल हो गया है, खास तौर पर कुछ देशों के नागरिकों के वहां प्रवेश करने पर प्रतिबंध लगने के बाद. लेकिन सामान्य यात्रियों के लिए ऐसी धारणा सही नहीं है.’ एजेंट के मुताबिक आज भी वहां भारतीयों से पहले जैसा व्यवहार किया जाता है.