उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने भीम आर्मी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद ‘रावण’ और उनके दो साथियों को रिहा कर दिया है. कहा जा रहा है कि चंद्रशेखर को उनकी मां के आग्रह के बाद रिहा किया गया है. एनडीटीवी के मुताबिक वे देर रात को जेल से बाहर आ गए.

चंद्रशेखर को पिछले साल सहारनपुर में हुई जातीय हिंसा के बाद गिरफ्तार किया गया था. यह हिंसा पांच मई, 2017 को ठाकुर और दलित समाज के बीच शुरू हुई थी जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई थी. इसके बाद कई दिनों तक इलाके में तनाव रहा. बाद में जून में पुलिस ने चंद्रशेखर को गिरफ्तार कर लिया था.

इससे पहले इलाहाबाद हाई कोर्ट ने दो नवंबर, 2017 को चंद्रशेखर को जमानत दे दी थी. लेकिन उसके अगले ही दिन उन पर रासुका (राष्ट्रीय सुरक्षा कानून) लगा दिया गया था. इसके चलते वे बाहर नहीं आ सके. रासुका की मियाद इस साल एक नवंबर को खत्म होनी थी. लेकिन अब उससे पहले ही चंद्रशेखर को रिहा कर दिया गया है. गुरुवार को राज्य के गृह विभाग ने कहा कि चंद्रशेखर की मां के आग्रह के बाद उन्हें जल्दी रिहा करने का फैसला किया गया.

इस मामले में चंद्रशेखर के अलावा पांच अन्य लोगों पर भी रासुका लगाया गया था. इनमें से तीन को पहले ही रिहा किया जा चुका है. चंद्रशेखर, सोनू और शिवकुमार को जेल में ही रखा गया था. अब चंद्रशेखर के साथ इन दोनों को भी रिहा किया जाएगा. गृह विभाग के प्रवक्ता के मुताबिक इस संबंध में सहारनपुर के जिला मजिस्ट्रेट को निर्देश दे दिए गए हैं.