जब एक तरफ़ शराब कारोबारी विजय माल्या और केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली की मुलाक़ात का मामला सुर्ख़ियों में हैं तभी कांग्रेस के बाग़ी नेता शहज़ाद पूनावाला ने पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी पर इसी तरह का आरोप लगाया है. उनके मुताबिक पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) के 13,600 करोड़ रुपए से अधिक की कर्ज़ धोखाधड़ी करने वाले नीरव मोदी से सितंबर 2013 में राहुल गांधी दिल्ली के इंपीरियल होटल में मिले थे. राहुल ने वहां नीरव मोदी के परिवार के शादी समारोहों में हिस्सा लिया था.

ख़बरों के मुताबिक शहज़ाद पूनावाला ने यह भी कहा है कि अगर ‘जेटली और माल्या के बीच हुई मुलाकात के गवाह कांग्रेस के नेता पीएल पूनिया हैं तो मैं राहुल गांधी और नीरव मोदी की मेल-मिलाप का साक्षी हूं. मैं अपने इस दावे की सच्चाई के लिए पवित्र क़ुरान की कसम उठा सकता हूं. लाई डिटेक्टर टेस्ट से भी गुजरने काे तैयार हूं. इस मुलाकात का रिकॉर्ड एसपीजी (विशेष सुरक्षा दस्ता) के पास भी होगा. वहां से भी इसकी सच्चाई पता की जा सकती है. वहीं अगर राहुल गांधी में हौसला है और वे कर सकें तो मेरा दावा झूठा साबित कर के दिखाएं.’

शहज़ाद ने यह भी कहा कि राहुल और नीरव के बीच यह मुलाकात उसी दौरान हुई जब मामा-भांजे (मेहुल चौकसी और मोदी) को ग़लत तरीके कर्ज़ बांटा जा रहा था. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी अगर आज विभिन्न राजनीतिक दलाें के साथ गठबंधन-महागठबंधन की तैयारी कर रहे हैं, वे अगर माल्या जैसे आर्थिक अपराधियों के दावों पर यक़ीन कर रहे हैं तो इसकी पुख़्ता वज़ह है. ये वज़ह है कि जब से केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने ‘भगोड़ा आर्थिक अपराधी कानून’ लागू किया है, तभी से भगोड़े और देश छोड़कर भागने की तैयारी में बैठे लोग परेशान हो गए हैं.

वैसे यह पहला मौका नहीं है जब शहज़ाद पूनावाला ने सीधे राहुल गांधी पर हमला किया है. वे इससे पहले बतौर कांग्रेस अध्यक्ष उनके चुनाव को भी खुली चुनौती दे चुके हैं. हालांकि इसके बावज़ूद कांग्रेस ने उनके बयानों को कभी ज़्यादा गंभीरता से लिया नहीं है.