सु्प्रीम कोर्ट ने भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के पूर्व वैज्ञानिक नंबी नारायण को केरल पुुुलिस द्वारा बेवजह गिरफ्तार और परेशान किए जाने के एवज में 50 लाख रुपये मुआवजे के तौर पर देने का आदेश जारी किया है. इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक मुआवजे का आदेश देने के साथ ही शीर्ष अदालत ने जस्टिस डीके जैन की अध्यक्षता में एक कमेटी भी गठित की है. यह कमेटी नारायण को फंसाने के मामले में केरल पुलिस के तत्कालीन अफसरों की भूमिका की जांच करेगी. इस कमेटी के लिए केंद्र और केरल सरकार भी अपनी-अपनी तरफ से सदस्य नियुक्त करेंगी.

इसरो के पूर्व वैज्ञानिक नंबी नारायण को 30 नवंबर, 1994 को जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. बाद में सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें सभी आरोपों से दोषमुक्त करार दिया था. इसके बाद नंबी नारायण ने केरल के पूर्व डीजीपी सिबी मैथ्यू और कुछ अन्य अफसरों पर उन्हें जबरदस्ती फंसाए जाने का आरोप लगाया. उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में केरल हाईकोर्ट के उस फैसले को चुनौती भी दी जिसमें उसने कहा था कि डीजीपी सिबी मैथ्यू और दो रिटायर्ड पुलिस अफसरों के खिलाफ कार्रवाई की कोई जरूरत नहीं है. नारायण ने इन सभी अफसरों के खिलाफ उन्हें जासूसी कांड में फंसाए जाने को लेकर कार्रवाई की मांग की थी. मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने इस मामले पर जुलाई में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था.