महाराष्ट्र की एक अदालत ने आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू के अलावा 15 अन्य लोगों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है. द इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक साल 2010 में गोदावरी नदी पर एक परियोजना के खिलाफ चंद्रबाबू नायडू ने अपने कुछ समर्थकों के साथ विरोध-प्रदर्शन किया था. तब इन लोगों पर सरकारी कर्मचारियों के काम में बाधा पहुंचाने, लोगों की जिंदगियों को खतरे में डालने और बल प्रयोग करने जैसी अनेक धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था. इसी दौरान उनकी गिरफ्तारी भी हुई थी. अब उसी मामले में महाराष्ट्र के नांदेड़ जिले की एक अदालत ने गिरफ्तारी वारंट जारी करते हुए इन आरोपितों को 21 सितंबर तक अपने सामने पेश होने का आदेश दिया है.

अदालत के इस कदम को चंद्रबाबू नायडू की टीडीपी ने भाजपा की साजिश बताया है. पार्टी के तेलंगाना इकाई के मुखिया एल रमन्ना ने कहा कि इसकी वजह तेलंगाना में टीडीपी का नया गठबंधन है. उधर, इस पर प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए आंध्र प्रदेश के सूचना-प्रौद्योगिकी मंत्री व चंद्रबाबू नायडू के बेटे एन लोकेश ने कहा है, ‘मेरे पिता और उनके समर्थकों ने वह विरोध-प्रदर्शन तेलंगाना के निचले इलाकों की भलाई के लिए किया था. इस मामले में उनकी गिरफ्तारी होने के बावजूद उन्होंने जमानत लेने से इनकार कर दिया था.’ उनका यह भी कहना है कि चंद्रबाबू नायडू सहित जिन लोगों के खिलाफ वारंट जारी हुआ है वे सभी अदालत के समक्ष उपस्थित होंगे.