कांग्रेस पार्टी ने वरिष्ठ नेता जयराम रमेश, राजीव गौड़ा और पवन खेड़ा को तीन चुनाव समितियों का संयोजक नियुक्त किया है. ये चुनावी समितियां विशेष रूप से 2019 में होने वाले लोक सभा चुनाव के लिए तैयार की गई हैं. द प्रिंट ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि जयराम रमेश को चुनावी तैयारियों की कोर समूह का संयोजक, राजीव गौड़ा को चुनाव घोषणा पत्र समिति का संयोजक और पवन खेड़ा को प्रचार समिति का संयोजक नियुक्त किया गया है. फिलहाल पार्टी ने इन नामों की घोषणा नहीं की है. तीनों नेताओं को 2019 के आम चुनावों के लिए पार्टी का घोषणा पत्र बनाने के साथ-साथ पार्टी के लिए विशेष योजनाएं और रणनीति बनाने का काम भी सौंपा गया है.

इस कोर समूह में अहमद पटेल, पी चिदंबरम, एके एंटनी, मल्लिकार्जुन खड़गे, गुलाम नबी आजाद, रणदीप सुरजेवाला शामिल समेत आठ सदस्य होंगे, जिनका नेतृत्व जयराम रमेश करेंगे. यह समिति पार्टी के चुनावी अभियान से संबंधित सभी रणनीतियों पर फैसला लेगी. जयराम रमेश इससे पहले भी 2004, 2009 और 2014 में लोक सभा चुनावों की समितियों में रह चुके हैं. राज्यसभा सांसद और कांग्रेस के अनुसंधान विभाग के प्रमुख राजीव गौड़ा हर राज्य की विशेष जानकारियां जुटाएंगे जिनका प्रयोग राहुल गांधी अपने भाषणों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को घेरने में करेंगे. इसके साथ ही राजीव गौड़ा घोषणा पत्र बनाने की समिति के भी प्रमुख रहेंगे. उनके साथ समिति में वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम, जयराम रमेश, कुमारी सैलजा, सलमान खुर्शीद, शशि थरूर समेत 19 सदस्य और होंगे.

इसके साथ ही कांग्रेस के मुख्य रणनीतिकार सैम पित्रोदा भी घोषणा पत्र तैयार करने वाली समिति की मीटिंग में हिस्सा लेंगे. दिसंबर, 2017 के गुजरात और मई, 2018 में कर्नाटक के विधानसभा चुनावों में भी सैम पित्रोदा ने इस काम में अहम भूमिका निभाई थी. कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने गुजरात और कर्नाटक विधानसभा चुनावों के दौरान पार्टी का प्रचार अभियान संभाला था. लोक सभा चुनाव में भी वे 13 सदस्यीय प्रचार समिति का नेतृत्व करेंगे, जिसमें वरिष्ठ नेता आनंद शर्मा, मनीष तिवारी, राजीव शुक्ला, प्रमोद तिवारी, रणदीप सुरजेवाला, प्रवीण चक्रवर्ती और कुछ अन्य नेता शामिल हैं. कांग्रेस के सूत्रों ने बताया कि राहुल गांधी किसी भी समिति का हिस्सा नहीं रहेंगे, लेकिन वे हर समिति की बैठक में मौजूद रहेंगे. राहुल गांधी की अनुपस्थिति में कांग्रेस अध्यक्ष के कार्यालय से के राजू उनका प्रतिनिधित्व करेंगे और मीटिंग के बारे में राहुल गांधी को रिपोर्ट देंगे. के राजू पहले कांग्रेस के एससी-एसटी मोर्चा के प्रमुख थे. इस साल उन्हें कांग्रेस अध्यक्ष के कार्यालय में स्थानांतरित कर दिया गया था.