गोवा में राजनीतिक हलचल फिर तेज हुई है. अलग-अलग तरह की ख़बरें आ रही हैं. इनमें एक यह भी है कि भारतीय जनता पार्टी ने राज्य के लिए नया मुख्यमंत्री तलाशने की कोशिश शुरू कर दी है. द इंडियन एक्सप्रेस ने सूत्रों के हवाले से यह ख़बर दी है.

अख़बार के मुताबिक गोवा के राजनीतिक हालात का जायज़ा लेने के लिए भाजपा जल्द ही वहां केंद्रीय पर्यवेक्षकों की टीम भेजने वाली है. यह टीम राज्य में नेतृत्व परिवर्तन के मसले पर भी पार्टी और सहयोगी दलों के नेताओं से विचार-विमर्श करेगी. भाजपा सूत्रों ने इसकी पुष्टि की है. हालांकि औपचारिक तौर पर कोई कुछ नहीं कह रहा है.

दरअसल गोवा के मुख्यमंत्री लंबे समय से अग्नाशय संबंधी बीमारी से जूझ रहे हैं. वे इसके इलाज के लिए दो बार अमेरिका भी हो आए हैं. दूसरी बार अमेरिका से वे अभी छह सितंबर को ही लौटे हैं. लेकिन तब से दफ़्तर नहीं जा पा रहे हैं. वे घर से ही थोड़ा-बहुत काम कर रहे हैं. नियमित परीक्षण के लिए उन्हें उत्तरी गोवा के कैंडोलिम में स्थित क्लीनिक पर भी जाना पड़ रहा है. बल्कि इसी गुरुवार को तो बुखार की शिकायत के बाद उन्हें यहां भर्ती भी कर लिया गया है.

इसके बाद बताया जाता है कि पर्रिकर ने अस्पताल में ही शुक्रवार को राज्य के मंत्रियों समेत भाजपा और सहयोगी दलों के बड़े नेताओं को बातचीत के लिए बुलाया था. इन नेताओं के बीच यह बैठक लगभग एक घंटे चली. इसके बाद गोवा फॉरवर्ड पार्टी के विजय सरदेसाई ने बताया, ‘हम लोग उन्हें (पर्रिकर को) गणेश चतुर्थी की बधाई देने के लिए अस्पताल गए थे. उनसे बातचीत के लिए उनके (भाजपा के) केंद्रीय पर्यवेक्षक जल्द ही गोवा आ सकते हैं, ऐसी उम्मीद है.’

वहीं महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी के सुदिन धवलीकर ने कहा, ‘वे (पर्रिकर) स्वस्थ हैं और काम भी कर रहे हैं. ऐसे में नेतृत्व परिवर्तन का कोई सवाल ही पैदा नहीं होता.’ हालांकि ख़बरों में दो चीजें और आ रही हैं. पहली ये कि भाजपा पर्रिकर की जगह अगर किसी और को सरकार का नेतृत्व सौंपती है तो वह सुदिन धवलीकर को उपमुख्यमंत्री पद की पेशकश कर सकती है. दूसरी ख़बर यह भी है कि पर्रिकर विधानसभा भंग कर राज्य में लोक सभा के साथ चुनाव करा सकते हैं.