हरियाणा के रेवाड़ी में 19 साल की छात्रा के साथ कथित सामूहिक बलात्कार के मामले में विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है. खबरों के मुताबिक नूह जिले की एसपी नाजनीन भसीन को इस घटना की जांच की जिम्मेदारी दी गई है. एसपी ने बताया कि उन्होंने पीड़िता से बात की है और उसकी हालत स्थिर है. अधिकारी के मुताबिक मुख्य आरोपितों की पहचान कर ली गई है. उधर, कुछ आरोपितों को गिरफ्तार करने के लिए छापेमारी की कार्रवाई जारी है.

इस घटना की पीड़िता सीबीएसई की दसवीं की परीक्षा में राज्य की टॉपर रही है. गुरुवार को उसे महेंद्रगढ़ के एक बस स्टैंड से अगवा कर लिया गया था. वहां से उसे रेवाड़ी के नया गांव इलाके के एक घर में ले जाया गया. उस दौरान लड़की को नशे की दवाई भी दी गई. उसके बाद उससे कथित रूप से सामूहिक बलात्कार किया गया. खबरों के मुताबिक इस वारदात में 12 लोग शामिल थे. पीड़िता से दुष्कर्म के बाद आरोपितों ने उसे वापस उसी बस स्टैंड पर छोड़ दिया जहां से उसे अगवा किया गया था. पीड़िता का कहना है कि सभी आरोपित उसके ही गांव के लोग हैं. पुलिस ने इनमें से तीन - पंकज, नीशू और मनीष - को नामजद कर लिया है. पंकज सेना में जवान बताया जा रहा है. अभी तक किसी को गिरफ्तार नहीं किया जा सका है.

शुरुआती जांच से पता चला है कि इस वारदात को एक सुनियोजित योजना के तहत अंजाम दिया गया है. रिपोर्टों के मुताबिक आरोपितों ने वारदात वाले दिन की सुबह से ही पीड़िता पर नजर बनाई हुई थी. उन्होंने कार से उस बस का पीछा किया था जिसमें पीड़िता जा रही थी. उस समय उसके साथ उसके पिता भी मौजूद थे. बाद में जब वह कोचिंग सेंटर की तरफ जाने के लिए कनीना बस स्टैंड पर उतरी तो मनीष और पंकज उसके पास पहुंचे. उन्होंने पीड़िता से अचानक मिलने का नाटक किया. वे उसे गुमराह करके नया गांव ले गए. वहां अन्य आरोपित भी पहुंच गए. उसके बाद पीड़िता से कई घंटों तक बलात्कार किया गया.

इस घटना का एक दिलचस्प पहलू यह है कि एक आरोपित मनीष ने खुद पीड़िता के पिता को फोन करके बस स्टैंड बुलाया था. उसे लगा कि पीड़िता उस समय भी नशे में थी. अपने बयान में पीड़िता ने बताया है कि उसके पिता के आने तक मनीष उसके साथ रहा था. इस बीच हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा है कि पुलिस मामले की जांच कर रही है और अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा. उधर, पीड़िता को रेवाड़ी सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है. मेडिकल रिपोर्ट के मुताबिक उसके शरीर पर चोट के कई निशान मिले हैं. उसकी पीठ, कंधों और निजी अंगों को ज्यादा चोट पहुंची है. परिवार का कहना है कि उनकी बेटी गहरे सदम में है. पीड़िता की मां ने टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया, ‘उसके गले में बहुत दर्द है. वह बात नहीं कर पा रही, न ही कुछ खा पा रही है. शायद उन्होंने (आरोपितों) उसे गले से बांध कर रखा था जिससे उसे दर्द हो रहा है.’

इस बीच पुलिस की भूमिका पर भी सवाल किए जा रहे हैं. नया गांव के कुछ लोगों का कहना है कि एक आरोपित नीशू पहले भी यौन हमलों का आरोपित रह चुका है. उन्होंने बताया कि पुलिस यह जानती थी, लेकिन फिर भी उसने मामले दर्ज नहीं किए. हालांकि पुलिस ने इन आरोपों को खारिज किया है. वहीं, पीड़िता के एक पड़ोसी ने बताया कि नीशू ने उसके पिता को घर आकर धमकी दी है कि अगर उन्होंने उस पर केस किया तो बुरा अंजाम भुगतना होगा. पड़ोसी के मुताबिक यह हैरान करने वाली बात है कि आरोपित खुलेआम घूम रहे हैं, पीड़ित परिवार को धमकी दे रहे हैं, फिर भी पुलिस उन्हें नहीं पकड़ पा रही.