खुद को जहरीले कोबरा से डसवाने वाले दो नशेड़ी डॉक्टरों के लिए रिसर्च का विषय बन गए हैं. द टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक इन दोनों का ताल्लुक राजस्थान से है. लगभग 15 साल से नशा कर रहे इन लोगों का कहना है कि उन्हें किसी दूसरी चीज से इतना अच्छा नशा नहीं होता जितना कोबरा के जहर से. इसके लिए ये दोनों संपेरों के पास जाते हैं और खुद को जीभ पर कोबरा से डसवाते हैं.

कोबरा का एक डंक 20 लोगों को मौत के मुंह में पहुंचाने के लिए काफी है. लेकिन डॉक्टरों के मुताबिक इन दोनों नशेड़ियों के शरीर पर इसका असर नहीं हो रहा था. इन दोनों का कहना है कि डंक के बाद वे करीब एक घंटे के लिए अचेत हो जाते थे लेकिन जागने के बाद तीन चार हफ्तों उन्हें तक बहुत अच्छा लगता था. उनके मुताबिक नशे का यह तरीका उन्होंने तब अपनाया जब बाकी नशों से उन्हें आनंद मिलना बंद हो गया. इन पर अब चंडीगढ़ के पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च के वैज्ञानिक रिसर्च कर रहे हैं. उनका केस इंडियन जर्नल ऑफ साइकॉलॉजिकल मेडिसन में भी प्रकाशित हो चुका है.