त्रिपुरा में भाजपा और आईपीएफटी के गठबंधन वाली सरकार ने उन सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करने का फैसला किया है, जो कांग्रेस द्वारा हाल ही में आयोजित ‘भारत बंद’ वाले दिन यानी 10 सितंबर को काम पर नहीं आए थे. इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक त्रिपुरा के सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी विभागों को नोटिस भेजते हुए ऐसे कर्मचारियों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने का निर्देश जारी किया है.

खबरों के मुताबिक सामान्य प्रशासन विभाग ने भारत बंद के पहले ही सभी विभागों को यह कहते हुए एक मेमो भेजा था कि दस सितंबर को सभी प्रशासनिक कामकाज सुचारू रूप से चलने चाहिए. साथ ही उसने सभी संबंधित विभागों से 10 सितंबर को दोपहर 12 बजे तक कर्मचारियों की उपस्थिति से संबंधित रिपोर्ट भी मांगी थी

इंडियन एक्सप्रेस की इस रिपोर्ट में सामान्य प्रशासन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया है, ‘एक दूसरा नोटिस जारी करके उन सभी कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा गया है जो भारत बंद के दिन अनुपस्थित थे’ इस अधिकारी के मुताबिक हो सकता है कुछ कर्मचारी किसी निजी समस्या या यातायात से जुड़ी दिक्कत की वजह से अनुपस्थित हों, ऐसे में सामान्य प्रशासन विभाग ने यह भी कहा है कि संबंधित कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई से पहले उसकी अनुपस्थिति की असल वजह जानने की कोशिश की जाए. हालांकि इसी अधिकारी ने बताया है कि दस सितंबर के दिन सरकारी कार्यालयों में 80 फीसदी से ज्यादा कर्मचारी उपस्थित थे.

कांग्रेस ने पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों के विरोध में दस सितंबर को भारत बंद का आयोजन किया था. त्रिपुरा में पार्टी के इस बंद को मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई-एम), क्रांतिकारी समाजवादी पार्टी (आरसीपी) और ऑल इंडिया फॉर्वर्ड ब्लॉक (एआईएफबी) सहित ज्यादातर विपक्षी पार्टियों ने समर्थन दिया था.