बिहार और उत्तर प्रदेश के बाद अब मध्य प्रदेश के भोपाल में स्थित दिव्यांगों के एक आश्रय गृह में यौन उत्पीड़न का मामला सामने आया है. द इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक इस आश्रय गृह की दो लड़कियों समेत तीन लड़कों ने पुलिस में संबंधित शिकायत दर्ज कराई थी. इस शिकायत के आधार पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आश्रय गृह के 70 वर्षीय निदेशक को गिरफ्तार कर लिया है.

एक स्थानीय पुलिस अधिकारी के मुताबिक आश्रय गृह के इन मूक-बधिर शिकायतकर्ताओं ने पहले राज्य के सामाजिक न्याय विभाग से संपर्क किया था और वहां इस मामले की शिकायत देने के बाद वे पुलिस के पास पहुंचे थे. पुलिस ने दुभाषिये की मदद से इनके बयान लेने के बाद इस मामले में एफआईआर दर्ज कर ली है.

शिकायतकर्ताओं का यह भी दावा है कि आश्रय गृह के निदेशक के खराब व्यवहार की वजह से यहां रहने वाले तीन लड़कों की मौत भी हो चुकी है. उधर, खबरों के मुताबिक इससे पहले फरवरी, 2017 में भी एक पीड़ित मूक-बधिर लड़की ने होशंगाबाद के जिला अधीक्षक से यहां होने वाले यौन उत्पी​ड़न की शिकायत की थी लेकिन तब प्रशासन की तरफ से कोई कार्रवाई नहीं की गई थी.

प्राप्त जानकारी के मुताबिक इस आश्रय गृह का 1995 में पंजीकरण कराया गया था और 2003 से यहां लड़कों व लड़कियों का रखा जाना शुरू किया गया था. मौजूदा समय में यहां 42 लड़के और 58 लड़कियां रह रही हैं. इसके साथ ही बीते 15 वर्षों से इस आश्रय गृह को सरकार की तरफ से अनुदान भी मुहैया कराया जा रहा है. इस बीच सामाजिक न्याय विभाग के निदेशक कृष्ण मोहन तिवारी ने कहा है कि वे इस मामले की गहराई से जांच-पड़ताल के लिए डीएम और एसपी को एक पत्र लिख रहे हैं.