दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के छात्र संघ चुनाव में एक बार फिर लेफ्ट का परचम लहराया है. इस खबर को आज के अधिकतर अखबारों ने पहले पन्ने पर जगह दी है. रविवार को आए नतीजों में चारों सीटों- अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, महासचिव और संयुक्त सचिव के पद लेफ्ट यूनिटी के खाते में गए हैं. अध्यक्ष पद के लिए हुए चुनाव में लेफ्ट के उम्मीदवार एन साईं बालाजी को 1,871 वोट मिले. वहीं, एबीवीपी के ललित पांडे को 937 वोटों के साथ संतोष करना पड़ा.

उधर, चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने लोक सभा चुनाव से पहले जदयू का दामन थाम लिया है. यह खबर भी अखबारों की प्रमुख सुर्खियों में शामिल है. रविवार को पटना में हुई जदयू कार्यकारिणी की बैठक में खुद नीतीश कुमार ने उन्हें पार्टी की सदस्यता दिलाई. इससे पहले प्रशांत किशोर ने एक ट्वीट कर बताया था कि बिहार से शुरु होने वाले अपने नए सफर के लिए वे उत्साहित हैं.

उत्तर प्रदेश : एक करोड़ रु का छात्रवृत्ति घोटाला

उत्तर प्रदेश के इटावा और मेरठ में केवल कागज पर बने स्कूलों ने छात्रवृत्ति के एक करोड़ रुपये निगल लिए हैं. द टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने बताया कि इटावा में 118 स्कूलों की जांच में 87 जमीन पर नहीं पाए गए. साथ ही, 31 स्कूलों ने कागज पर छात्रों की संख्या अधिक बताई है. आर्थिक अपराध शाखा के महानिदेशक (डीजी) राजेंद्र पाल सिंह ने बताया कि मेरठ में 20 स्कूलों की जांच की जा रही है. उनका कहना है कि इनके अलावा और भी स्कूल जांच के दायरे में हैं. बताया जाता है कि इन मामलों में प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों की संख्या अधिक है.

सर्जरी के बाद संक्रमित होने पर एम्स ने बच्ची का इलाज करने से इनकार किया

नई दिल्ली स्थित एम्स में एक नवजात बच्ची के दिल के ऑपरेशन के बाद हुए संक्रमण का इलाज करने से डॉक्टरों ने इनकार कर दिया. अमर उजाला में छपी खबर के मुताबिक डॉक्टरों का कहना है कि वे सर्दी-जुकाम या निमोनिया का इलाज नहीं कर सकते. बताया जाता है कि बच्ची को फिलहाल राम मनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया है. हालांकि, यहां भी बेड की कमी की वजह से बच्ची को एक और मरीज के साथ बेड पर रखा गया है. इसकी वजह से उसके संक्रमण का स्तर लगातार बढ़ रहा है. इससे पहले बीती चार सितंबर को बच्ची का ऑपरेशन किया गया था लेकिन, घर जाते ही उसे तेज बुखार हो गया. उधर, एम्स के डॉ. वी देवगुरु का कहना है कि ऑपरेशन की तत्काल जरुरत को देखते हुए उन्होंने बच्ची का ऑपरेशन कर दिया. उनका आगे कहना है कि उनके पास दो ही बेड हैं जो सर्जरी के मरीजों के लिए होते हैं.

बसपा किसी भी चुनाव में तभी कोई गठबंधन करेगी, जब सम्मानजनक सीटें मिलेंगी : मायावती

बसपा सुप्रीमो मायावती ने अगले लोकसभा चुनाव में सम्मानजनक सीटें न मिलने पर अकेले चुनावी मैदान में उतरने का फैसला किया है. नवभारत टाइम्स में प्रकाशित खबर के मुताबिक मायावती ने कहा, ‘बसपा सहित सभी पार्टियों की यह पूरी कोशिश होगी कि भाजपा को सत्ता में आने से रोका जाए. इस बारे में गठबंधन करके चुनाव लड़ने की बात है तो हमारी पार्टी का स्टैंड साफ है. बसपा किसी भी चुनाव में तभी कोई गठबंधन करेगी, जब उसे सम्मानजनक सीटें मिलेंगी.’ वहीं, उन्होंने भीम आर्मी के प्रमुख चंद्रशेखर उर्फ रावण से बुआ-भतीजे का रिश्ता भी खारिज कर दिया. मायावती ने कहा, ‘कुछ लोग राजनीतिक स्वार्थ में मेरे साथ भाई-बहन या बुआ-भतीजे का रिश्ता जोड़ लेते हैं.’

पंजाब : ऑक्सीटोसिन की बिक्री को नियंत्रित करने के लिए सरकार का सख्त रुख

पंजाब सरकार ने ऑक्सीटोसिन हॉर्मोन की बिक्री को नियंत्रित करने के लिए सख्त रुख अपनाया है. बिजनेस स्टैंडर्ड की रिपोर्ट के मुताबिक राज्य सरकार कर्नाटक एंटीबायोटिक्स ऐंड फॉर्मास्यूटिकल्स लिमिटेड (केएपीएल) से सीधे संपर्क रखकर राज्य में दवा की खरीद पर नजर रखेगी. केपीएल एक सरकारी कंपनी है. इसे ड्रग्स ऐंड कॉस्टेमेटिक्स रूल्स, 1945 के तहत लाइसेंस मिला हुआ है. उधर, केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने ऑक्सीटोसिन दवा को ड्रग्स ऐंड कॉस्मेटिक्स रूल्स- 1945 में अनुसूची एच के बजाय अनुसूची एच1 में शामिल किया है. यानी अब इसकी बिक्री किसी डॉक्टर के लिखित परामर्श पर ही होगी. बताया जाता है कि खेती और पशुपालन में कम वक्त में अधिक मुनाफे के लिए ऑक्सीटोसिन का इस्तेमाल मवेशियों और सब्जियों में किया जाता है. इसका मनुष्य और जानवरों के स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ता है.