देना बैंक, विजया बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा का आपस में विलय होने जा रहा है. वित्तमंत्री अरुण जेटली ने सोमवार को यह ऐलान किया. उन्होंने बताया कि तीन बैंकों के विलय के बाद यह देश का तीसरा सबसे बड़ा बैंक बन जाएगा. विलय के बाद भी तीनों बैंक स्वतंत्र रूप से काम करना जारी रखेंगे.

अरुण जेटली के मुताबिक सरकार ने बजट में ही ऐलान कर दिया था कि बैंकों का विलय उसका प्रमुख एजेंडा है और इस दिशा में पहला कदम उठा लिया गया है. देश की बैंकिंग व्यवस्था कमजोर होने की बात कहते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि नए कर्ज न दिए जाने की वजह से कॉरपोरेट सेक्टर के निवेश पर बुरा असर पड़ रहा था. अरुण जेटली ने कहा कि इस विलय से बैंक मजबूत होंगे और उनकी कर्ज देने की क्षमता बढ़ेगी.

वित्त मंत्री ने आश्वस्त किया कि इन तीन बैंकों का विलय इनके किसी कर्मचारी के लिए यह बुरी खबर नहीं है. उन्होंने कहा, ‘किसी भी कर्मचारी को किसी प्रतिकूल स्थिति का सामना नहीं करना पड़ेगा.’ इससे पहले बीते साल केंद्र सरकार ने भारतीय स्टेट बैंक और उसके पांच सहयोगी बैंकों का विलय कर दिया था.

अरुण जेटली ने आगे कहा कि बहुत ज्यादा कर्ज देने और फंसे हुए कर्ज (एनपीए) में विशाल बढ़ोतरी के चलते बैंकों की हालत खराब है. वित्तीय वर्ष 2017-18 में एनपीए का यह आंकड़ा 10 लाख करोड़ रु से ज्यादा हो गया है. वित्त मंत्री के मुताबिक स्थिति कितनी खराब है, इसका पता 2015 में ही चल पाया. उन्होंने इसके लिए पिछली यूपीए सरकार को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि उसने एनपीए के मुद्दे पर आंखें मूंदे रखीं.