शिव सेना ने संजय राउत को लोक सभा व राज्यसभा में संसदीय दल का नेता नियुक्त किया है. डेक्कन क्रॉनिकल के मुताबिक यह फैसला शिव सेना के अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने किया है. साथ ही इस बारे में लोक सभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन को जानकारी देने के लिए उद्धव ठाकरे ने उन्हें एक चिट्ठी भी लिखी है. इस चिट्ठी में उन्होंने ने लिखा है, ‘16वीं लोक सभा में शिव सेना के 18 जबकि राज्यसभा में पार्टी के तीन सांसद जनता का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं. राज्यसभा में आनंदराव अदसुल जबकि लोकसभा में चंद्रकांत खैरे पार्टी प्रमुख की भूमिका निभा रहे थे. लेकिन अब इन दोनों सदनों के लिए यह जिम्मेदारी संजय राउत को सौंपी गई है.’

दिलचस्प बात यह है कि इससे पहले राज्यसभा और लोक सभा में शिव सेना की तरफ से अलग-अलग प्रमुख नियुक्त किए जाते रहे हैं. लेकिन इस बार पार्टी ने अपने वरिष्ठ नेता संजय राउत को एक साथ दोनों सदनों के प्रमुख की जिम्मेदारी दी है. उधर केंद्र की राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) सरकार के सहयोगी दलों में से एक शिव सेना के नेता संजय राउत ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के खिलाफ बीते कुछ महीनों से लगातार हमलावर रुख बना रखा है. इसी साल महाराष्ट्र के पालघर के लोक सभा उपचुनाव के दौरान संजय राउत ने भाजपा को शिव सेना का ‘राजनीतिक शत्रु’ बताया था.

हालांकि पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दामों को लेकर इसी महीने की 10 तारीख को जब कांग्रेस समेत कई अन्य राजनीतिक दलों ने भारत बंद का आयोजन किया था तो शिव सेना ने उस बंद से दूरी बनाई थी. तब संजय राउत ने कहा था कि इस बंद में शामिल न होना शिव सेना का निजी फैसला था जिसका भाजपा से कोई लेना-देना नहीं था. तब ऐसी खबरें आई थीं कि भाजपा ने उस बंद में न शामिल होने के लिए शिव सेना पर दबाव बनाया था.