राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत ने कहा है कि उनका संगठन हिंदू राष्ट्र में विश्वास करता है लेकिन इसमें मुसलमानों के लिए भी जगह है. उन्होंने यह बात नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित एक कार्यक्रम में कही. इस खबर को आज के अधिकतर अखबारों ने पहले पन्ने पर जगह दी है. मोहन भागवत ने आगे कहा, ‘हमारी नजर में देश के सभी नागरिक हिंदू हैं. सभी बराबर हैं. कोई शत्रु नहीं है. हिंदू शब्द से देश का स्वभाव एक बना रहेगा.’ उन्होंने आगे साफ किया कि नागपुर (संघ का मुख्यालय) से सरकार नहीं चलती है. संघ प्रमुख ने कहा, ‘केंद्र में काम कर रहे काफी स्वयंसेवक हैं. प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति स्वयंसेवक रह चुके हैं.’ हालांकि, उन्होंने कहा कि यदि सरकार को सलाह चाहिए होती है तो वे अपनी राय बता देते हैं.

सभी सामाजिक कल्याणकारी योजनाओं को एक कार्ड में समेटने की तैयारी

मोदी सरकार लोक सभा चुनाव से पहले सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को लेकर एक बड़ा बदलाव करने पर विचार कर रही है. हिन्दुस्तान की एक्सक्लूसिव खबर की मानें तो इन योजनाओं के लाभार्थियों को एक कार्ड के जरिये ही इसके फायदे देने की बात की जा रही है. बताया जाता है कि किसी व्यक्ति को मिलने वाले फायदों में दोहराव को रोकने और इसके संबंधित सही आंकड़े हासिल करने के मकसद से इस पर चर्चा की जा रही है. वहीं, सभी राज्यों ने इस बात पर सहमति जाहिर की है कि सार्वभौमिक सामाजिक सुरक्षा के लिए जीएसटी परिषद की तर्ज पर एक संघीय ढांचा बने. अखबार के मुताबिक एक महीने के भीतर इस बारे में आखिरी बैठक बुलाई जाने वाली है. इसमें इसके सभी पहलुओं पर विचार कर इसे अंतिम रूप दिया जाएगा. माना जा रहा है कि संसद के शीतकालीन सत्र में सरकार इस पर एक विधेयक भी ला सकती है.

फसल बीमा योजना में दो महीने के भीतर दावे का भुगतान, देरी पर ब्याज का भी प्रावधान

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत लाभार्थी किसानों को दो महीने के भीतर दावे का भुगतान होगा. साथ ही, इस अवधि के खत्म होने के बाद यदि दावे का भुगतान किया जाता है तो मुआवजे के साथ 12 फीसदी ब्याज भी देना होगा. अमर उजाला में छपी खबर के मुताबिक केंद्र सरकार ने मंगलवार को फसल बीमा के दावों के वक्त पर निपटारे के लिए इन निर्देशों को जारी किया. फिलहाल किसानों के दावों को निपटाने में छह महीने तक का वक्त लग जाता है. बताया जाता है कि मोदी सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना पर कृषि मंत्रालय को आवंटित बजट का करीब एक-तिहाई रकम खर्च किया जाता है.

कर्नाटक : प्रमुख कांग्रेसी नेता डीके शिवकुमार के खिलाफ ईडी ने मनी लॉन्डरिंग कानून के तहत मामला दर्ज किया

कर्नाटक के प्रमुख कांग्रेसी नेता और सरकार में मंत्री डीके शिवकुमार के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मनी लॉन्डरिंग कानून के तहत मामला दर्ज किया है. जनसत्ता में प्रकाशित खबर के मुताबिक डीके शिवकुमार सहित अन्य पर कथित कर चोरी और हवाला लेन-देन के आधार पर मामला दर्ज किया गया है. इससे पहले इस साल की शुरुआत में आयकर विभाग ने उनके खिलाफ आयकर विभाग ने बंगलुरू स्थित विशेष अदालत में आरोप पत्र दायर किया था. बताया जाता है कि आरोपितों के बयान को दर्ज करने के लिए ईडी जल्द ही इन्हें समन भेज सकता है.

आधार से बिहार को करोड़ों रुपये की बचत : सुशील कुमार मोदी

कल्याणकारी योजनाओं को ‘आधार’ से जोड़े जाने से बिहार सरकार को करोड़ों रुपये की बचत हुई है. बिजनेस स्टैंडर्ड ने राज्य सरकार के हवाले से कहा है कि इससे अब तक 1.85 लाख राशन कार्ड रद्द किए गए हैं. साथ ही, सामाजिक पेंशन लेने वाले 5.5 लाख से ज्यादा लाभार्थी मृत या लापता पाए गए हैं. उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने इस बारे में कहा, ‘राज्य और केंद्र सरकारों की योजनाओं को आधार से जोड़ने के बाद व्यवस्था में पारदर्शिता आई है. इससे बड़े पैमाने पर फर्जी और दोहरे लाभार्थियों की छंटनी हुई है. इससे केंद्र और राज्य सरकार का करीब 90 हजार करोड़ रुपये बचा है. वहीं बैंक खाते में सीधे भुगतान करने से लोगों को सुविधा भी हुई है.’ बिहार में कुल 1.68 करोड़ राशन कार्डधारी हैं. इनमें से 82 फीसदी कार्ड को आधार कार्ड से जोड़ा जा चुका है. वहीं, अब तक 9.46 लाख कार्डधारक संदिग्ध पाए हैं. इनमें से 1.85 लाख राशन कार्डों को निरस्त किया जा चुका है.