सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) के मुद्दे पर प्रशासन को उन लोगों की दलीलें और दावे सुनने का आदेश दिया है जिनका नाम सूची में पिछली बार छूट गया था. हिन्दुस्तान टाइम्स के मुताबिक यह कवायद 25 सितंबर से शुरू होगी और अगले 60 दिनों तक चलेगी. अदालत ने कहा है कि दावों की जांच असम के एनआरसी समन्वयक प्रतीक हजेला द्वारा मंजूर किए गए दस दस्तावेजों के आधार पर होगी. इस केस में अगली सुनवाई 23 अक्टूबर को होगी.

इससे पहले 30 जुलाई को आई एनआरसी की रिपोर्ट में करीब 40 लाख लोगों का नाम छूट गया था. यानी इन लोगों को राज्य का नागरिक नहीं माना गया था. इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने एनआरसी समन्वयक से छूटे हुए लाखों लोगों को एक और मौका देने के फायदे और नुकसान समेत इसकी जटिलताओं पर रिपोर्ट देने को कहा था.