दिल्ली के मुख्य सचिव अंशु प्रकाश के साथ हुई मारपीट को पुलिस ने सुनियोजित साजिश बताया है. अपनी चार्जशीट में दिल्ली पुलिस ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को इस आपराधिक षड्यंत्र का सूत्रधार बताया है. दिल्ली पुलिस ने यह चार्जशीट 13 अगस्त को दिल्ली स्थित पटियाला हाउस कोर्ट में दाखिल की थी. हिन्दुस्तान टाइम्स के मुताबिक दिल्ली पुलिस ने अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया पर आरोप लगाए हैं कि अंशु प्रकाश को छल-कपट से बैठक में बुलाया गया था ताकि उन पर दबाव बनाया जा सके.

दिल्ली पुलिस की चार्जशीट पर संज्ञान लेते हुए कोर्ट ने बीते मंगलवार को अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया समेत आम आदमी पार्टी (आप) के 11 विधायकों को 25 अक्टूबर को कोर्ट में पेश होने के निर्देश दिए हैं. दिल्ली पुलिस ने 1300 पन्नों की इस चार्जशीट में आप नेताओं पर भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 506(2) भी लगाई है. इसके तहत दोषियों को 7 साल तक की सजा हो सकती है. पुलिस ने सभी 13 आरोपितों पर सरकारी कर्मचारी का शोषण करने, आपराधिक षड़यंत्र रचने और जान से मारने की धमकी देने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं. उधर, आप नेताओं ने इन आरोपों का खंडन किया है.

मुख्य सचिव अंशु प्रकाश के साथ मारपीट की यह कथित घटना इसी साल 19 फरवरी को मुख्यमंत्री निवास स्थान पर हुई थी. खबरों के मुताबिक उस दिन अरविंद केजरीवाल ने अंशु प्रकाश को राशन कार्ड व आवास के अलावा कुछ अन्य मुद्दों पर बैठक के लिए बुलाया था. इसी दौरान आप के कुछ नेताओं की उनके साथ हाथापाई और मारपीट हुई थी. मुख्य सचिव ने इस मामले की पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी.