केंद्र सरकार ने गुरुवार को लघु बचत योजनाओं की ब्याज दरों में बढ़ोत्तरी की घोषणा की है. सरकार ने राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र (एनएससी) और सार्वजनिक भविष्य निधि (पीपीएफ), सुकन्या समृद्धि योजना, फिक्स्ड डिपॉजिट जैसी अलग-अलग योजनाओं की ब्याज दरों में 30 से 40 बेसिस पॉइंट तक की बढ़ोत्तरी की है. 100 बेसिस पॉइंट एक प्रतिशत के बराबर होता है. ब्याज दरों में यह बढ़ोत्तरी तीसरी तिमाही यानी एक अक्टूबर से 31 दिसंबर तक मान्य रहेगी. सरकार हर तिमाही में ब्याज दरों की समीक्षा करती है.

वित्त मंत्रालय की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार तीसरी तिमाही के लिए फिक्स्ड डिपॉजिट में अलग-अलग समयावधि के लिए ब्याज दरों में में 0.3 से 0.4 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी की गई है. वरिष्ठ नागरिकों के लिए पांच साल तक के फिक्स्ड डिपॉजिट पर ब्याज दर 8.4 प्रतिशत से बढ़ाकर 8.7 प्रतिशत कर दी गई है. पीपीएफ और एनएससी पर अब आठ प्रतिशत की दर से ब्याज मिलेगा. पहले यह 7.6 प्रतिशत था. किसान विकास पत्र पर अब 7.7 प्रतिशत की दर से ब्याज मिलेगा और अब यह 112 सप्ताह में परिपक्व हो जाएगा. सुकन्या समृद्धि बचत योजना के लिए नई ब्याज दर 8.5 प्रतिशत होगी.

फिलहाल बचत खातों के लिए ब्याज दर चार प्रतिशत ही रहेगी. इससे पहले जनवरी-मार्च 2018 तिमाही के दौरान सरकार ने लघु बचत योजनाओं के लिए ब्याज दरें घटाई थीं.