केंद्रीय गृह मंत्रालय ने शुक्रवार को बताया कि जम्मू और कश्मीर में किसी भी स्पेशल पुलिस ऑफिसर (एसपीओ) ने इस्तीफा नहीं दिया है. गृह मंत्रालय ने एक बयान जारी करते हुए ऐसी खबरों को शरारती तत्वों का प्रोपेगेंडा बताया है. राज्य पुलिस ने भी ऐसी खबरों को झूठा बताया है. गृह मंत्रालय ने कहा कि जम्मू और कश्मीर में एक पेशेवर और प्रतिबद्ध पुलिस बल है, जो आगामी पंचायत और शहरी निकाय चुनावों से संबंधित सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए तैयार है. सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक मैसेज में बताया जा रहा है कि जम्मू और कश्मीर में आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहीदीन द्वारा तीन पुलिसकर्मियों की हत्या किए जाने के बाद छह एसपीओ ने इस्तीफा दे दिया है.

गृह मंत्रालय ने अपने बयान में यह भी कहा है कि राज्य में 30,000 से अधिक एसपीओ हैं और समय-समय पर उनकी सेवाओं की समीक्षा की जाती है. मंत्रालय ने बताया कि जम्मू और कश्मीर में आतंकवादी बैकफुट पर हैं और अकेले शोपियां जिले में इस साल 28 अतंकवादियों को मारा गया है.

शोपियां जिले में आतंकवादियों ने शुक्रवार को तीन एसपीओ की हत्या कर दी. तीनों की हत्या के पीछे हिजबुल मुजाहिदीन का हाथ बताया जा रहा है. कुछ समय पहले आतंकियों ने राज्य में तैनात सभी एसपीओ को ‘आखिरी चेतावनी’ देते हुए कहा था कि वे 19 सितंबर तक अपनी नौकरी छोड़ दें.