मालदीवियन डेमोक्रेटिक पार्टी (एमपीडी) के नेता इब्राहिम मोहम्मद सालेह ने मालदीव के राष्ट्रपति पद का चुनाव जीत लिया है. एनडीटीवी के मुताबिक इब्राहिम मोहम्मद सालेह को 58.3 प्रतिशत वोट मिले हैं. उन्होंने मालदीव के मौजूदा राष्ट्रपति अब्दुल्ला यमीन को हराया है. चुनाव इसी रविवार को हुआ था.

चुनावी नतीजे आने के बाद इब्राहिम मोहम्मद सालेह ने अपने भाषण में कहा, ‘अब्दुल्ला यमीन को जनादेश का सम्मान करते हुए शांतिपूर्वक तरीके से सत्ता का हस्तांतरण कर देना चाहिए.’ इस दौरान सालेह ने यह भी कहा कि उन्होंने यमीन से जेल में बंद कैदियों को रिहा करने के लिए भी कहा है. उधर, चुनावी नतीजों को लेकर अब्दुल्ला यमीन की तरफ से फिलहाल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है.

खबरों के मुताबिक इस चुनाव में इब्राहिम मोहम्मद सालेह को विपक्षी दलों का समर्थन प्राप्त था. विपक्ष की तरफ से वे अकेले उम्मीदवार भी थे क्योंकि देश के अन्य बड़े नेताओं को अब्दुल्ला यमीन ने इसी साल फरवरी के महीने में आपातकाल घोषित करने के बाद जेल में डलवा दिया था या फिर उन्हें निर्वासित करा दिया था.

भारत समर्थक इब्राहिम मोहम्मद सालेह की जीत को भारत-मालदीव के आपसी संबंधों के लिए भी बेहतर माना जा रहा है. मालदीव के पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद नाशीद ने ट्वीट कर इस जीत के लिए सालिह को बधाई दी है. मोहम्मद नाशीद को भी भारत समर्थक माना जाता है.

उधर, अब्दुल्ला यमीन को चीन समर्थक माना जाता है. इस साल फरवरी में जब उन्होंने आपातकाल लगाने की घोषणा की थी तो भारत ने इसका कड़ा विरोध किया था. उसके बाद से ही दोनों देशों के संबंधों में कड़वाहट आती गई. उधर, चीन के साथ इस द्वीप देश की नजदीकी बढ़ती गई है. दिसंबर 2017 में चीन और मालदीव के बीच 12 समझौतों पर हस्ताक्षर हुए थे. इनमें कई चीन की महत्वाकांक्षी योजना वन रोड वन बेल्ट के तहत हुए. चीन यहां एक सैन्य अड्डा बनाने की भी योजना बना रहा है.