सुप्रीम कोर्ट ने दाऊदी बोहरा मुस्लिम समुदाय में बच्चियों के खतने की प्रथा के खिलाफ दायर याचिका संवैधानिक पीठ को भेज दी है. द इकनॉमिक टाइम्स के मुताबिक मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा, जस्टिस एमएम खानविलकर और डीवाई चंद्रचूड़ की बेंच ने सोमवार को यह फैसला लिया. इस याचिका में दलील दी गई है कि बच्चियों का खतना न सिर्फ गैरकानूनी है बल्कि बच्चों के अधिकारों से जुड़े उस समझौते का भी उल्लंघन है जिस पर भारत ने भी दस्तखत किए हैं. याचिका में यह भी कहा गया है कि खतना करने से बच्चियों के शरीर में स्थायी रूप से विकृति भी आ रही है.

इससे पहले दाऊदी बोहरा मुस्लिम समुदाय के लोगों ने सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि बच्चियों का खतना इस्लाम के कुछ संप्रदायों में किया जाता है जिसमें दाऊदी बोहरा भी शामिल है. इन लोगों ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी कि अगर इसकी वैधता का फैसला करवाना ही है तो यह एक बड़ी संवैधानिक पीठ से करवाया जाना चाहिए.