इटली की एक अदालत ने भारत के साथ हुए वीवीआईपी हेलीकॉप्टर सौदे में हुए भ्रष्टाचार के मामले में अगस्ता वेस्टलैंड के अधिकारियों को बरी किए जाने पर विस्तृत फैसला सुनाया है. अदालत ने यह फैसला 19 सितंबर को जारी किया था. समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक इस फैसले में कहा गया है कि ऐसे कोई विशेष सबूत नहीं मिले हैं जिनसे यह पता चलता हो कि इस सौदे में कोई भ्रष्टाचार हुआ है.

कांग्रेस के नेतृत्व वाली संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) की सरकार ने साल 2007 में ब्रिटिश-इटैलियन कंपनी अगस्ता वैस्टलेंड के साथ हेलीकॉप्टर खरीद के समझौते पर हस्ताक्षर किए थे. इस सौदे के तहत अगस्ता वेस्टलैंड को भारतीय वायुसेना को 12 एडब्ल्यू-101 वीवीआईपी हेलिकॉप्टरों की आपूर्ति करनी थी. बाद में अगस्ता वेस्टलेंड की मुख्य कंपनी फिनमेकानिका के प्रमुख ज्यूसेपे ओर्सी और अगस्ता वेस्टलैंड के सीईओ ब्रूनो स्पैग्नोलिनी पर आरोप लगे थे कि उनकी कंपनी को ही यह सौदा मिले, इसके लिए उन्होंने भारत में अधिकारियों और राजनेताओं को रिश्वत दी थी.

विवाद होने के बाद भारत ने 2014 में अगस्ता वेस्टलैंड के साथ हुआ करार रद्द कर दिया था. इस सौदे में हुई गड़बड़ी की जांच भारत में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और केंद्रीय जांच एजेंसी (सीबीआई) कर रही हैं. जांच एजेंसियों ने भारतीय वायुसेना पूर्व प्रमुख एसपी त्यागी को इस मामले में आरोपित बनाया है.