प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संयुक्त राष्ट्र के सर्वोच्च पर्यावरण सम्मान ‘चैंपियंस ऑफ द अर्थ अवार्ड’ से सम्मानित किया गया है. यह सम्मान उन्हें अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन के नेतृत्व और 2022 तक भारत को एक ही बार इस्तेमाल होने वाले प्लास्टिक से मुक्त कराने के संकल्प के लिए दिया गया है. पीटीआई के मुताबिक उनके साथ पांच अन्य व्यक्तियों और संगठनों को भी यह सम्मान मिला है.

संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम ने एक बयान जारी कर कहा है, ‘इस साल के पुरस्कार विजेताओं को आज के समय के कुछ बेहद अत्यावश्यक पर्यावरणीय मुद्दों से निपटने के लिये साहसी, नवोन्मेष और अथक प्रयास करने के लिये सम्मानित किया जा रहा है.’ नीतिगत नेतृत्व की श्रेणी में फ्रांस के राष्ट्रपति एमैनुअल मैक्रों और नरेंद्र मोदी को संयुक्त रूप से इस सम्मान के लिये चुना गया है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद ने 2015 में हुए पेरिस जलवायु समझौते में अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन की शुरुआत की थी. यह सौर संसाधन संपन्न देशों का गठबंधन है जो अपनी ऊर्जा जरूरतें पूरी करने के लिए सौर ऊर्जा पर निर्भरता बढ़ाने की दिशा में काम कर रहा है.