महाराष्ट्र में एक 78 वर्षीय वृद्ध महिला को सीनियर सिटिजन कार्ड के साथ आधार या पैन कार्ड नहीं होने के चलते महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन कॉरपोरेशन (एमएसआरटीसी) की बस से उतार दिया गया. वृद्ध महिला केसरबेन को सीनियर सिटिजन कार्ड महाराष्ट्र सरकार ने जारी किया था. मिड-डे की रिपोर्ट के अनुसार वृद्ध महिला के परिवार वालों ने इसकी शिकायत बस डीपो प्रबंधक और एमएसआरटीसी के वरिष्ठ अधिकारियों से की है, लेकिन परिवार वालों का कहना है कि किसी ने भी इस मामले में दिलचस्पी नहीं दिखाई है. वहीं एमएसआरटीसी के अध्यक्ष दिवाकर राओटे का कहना है कि उन्हें अभी तक इस मामले की शिकायत नहीं मिली है.

वृद्ध महिला के बेटे केतन का कहना है कि ये घटना 20 सितंबर को औरंगाबाद से कल्याण की यात्रा के दौरान हुई. उनके मुताबिक वे राज्य परिहन की बस में सवार हुए थे. बस कंडक्टर एसआर गायकवाड़ ने उनकी मां केशरबेन शामजी धारोद से सीनियर सिटिजन होने का प्रमाणपत्र मांगा. उन्होंने महाराष्ट्र सरकार द्वारा जारी सीनियर सिटिजन प्रमाणपत्र उन्हें दिया. कंडक्टर ने आइडी कार्ड दिखाने पर जोर देते हुए आधार या पैन कार्ड मांगा. उनके पास यह नहीं था जिसके चलते कंडक्टर ने उन्हें बस से उतार दिया. केतन ने बताया कि उन्होंने इस मामले की लिखित शिकायत कर दी है. केतन की पत्नी शिल्पा ने कहा, ‘हमारे परिवार के साथ जो कुछ हुआ वह अन्याय है. हम अधिकारियों से कार्रवाई की मांग कर रहे हैं.’