भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की जम्मू-कश्मीर इकाई ने स्थानीय निकाय चुनाव का बहिष्कार करने के लिए नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक भाजपा ने चुनाव आयोग से इन दोनों राजनीतिक दलों की मान्यता रद्द करने और उनके चुनाव चिह्न जब्त करने की मांग की है.

खबरों के मुताबिक भाजपा की जम्मू-कश्मीर इकाई के प्रवक्ता अनिल गुप्ता ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर कहा है कि एनसी, पीडीपी, मार्क्सवादी कम्यूनिस्ट पार्टी (सीपीआई) और बहुजन समाजवादी पार्टी (बसपा) मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल हैं और जनप्रतिनिधित्व कानून, 1951 की धारा 29ए (5) के तहत इन सभी का चुनावों में हिस्सा लेना अनिवार्य है. ऐसे में ये राजनीतिक दल चुनाव में हिस्सा लेने से इनकार नहीं कर सकते.

इससे पहले राज्य की चार राजनीतिक पार्टियां एनसी, पीडीपी, सीपीआई और बसपा ने इन चुनावों के बहिष्कार की घोषणा कर चुकी हैं. एनसी और पीडीपी की दलील है कि अनुच्छेद 35 ए के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट में चल रही सुनवाई के कारण राज्य में माहौल चुनाव करवाने के अनुकूल नहीं हैं और इसलिए वे इन चुनावों में हिस्सा नहीं लेंगी. जम्मू और कश्मीर में नगरपालिका चुनाव आठ अक्टूबर से 16 अक्टूबर तक चार चरणों में और पंचायत चुनाव आठ नवंबर से चार दिसंबर तक आठ चरणों में संपन्न होने हैं.