राज्य मंत्री का दर्जा मिलने के छह महीने बाद मध्य प्रदेश के बहुचर्चित कंप्यूटर बाबा ने सोमवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया. इंडियन एक्सप्रेस की एक खबर के मुताबिक बाबा ने सरकार पर धर्मविरोधी होने का आरोप लगाया है. कंप्यूटर बाबा का कहना है कि सरकार नर्मदा से गैरकानूनी खनन रोकने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठा रही.

कंप्यूटर बाबा का कहना है कि वे नर्मदा नदी से हो रहे अवैध खनन की बात मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के संज्ञान में लाए थे, लेकिन मुख्यमंत्री ने उस पर कोई कार्रवाई नहीं की. शिवराज सरकार द्वारा गायों के लिए अलग से मंत्रालय बनाने को भी उन्होंने अनावश्यक बताया. रविवार को ही सरकार ने इस मंत्रालय की घोषणा की थी.

53 साल के कंप्यूटर बाबा का असली नाम नामदेव त्यागी है. इसी साल अप्रैल में शिवराज सिंह चौहान की सरकार ने पांच धार्मिक गुरूओं को मंत्री का दर्जा दिया था. नामदेव त्यागी भी उनमें से एक थे. प्रदेश सरकार के इस कदम पर काफी सवाल उठे थे.