‘पाकिस्तान और संघ नफरत फैलाते हैं और भाजपा अंग्रेजों की तरह बांटो और राज करो की नीति पर चलती है.’  

— रणदीप सिंह सुरजेवाला, कांग्रेस के प्रवक्ता

रणदीप सिंह सुरजेवाला ने यह बात एक प्रेस वार्ता के दौरान कही. उनके मुताबिक कांग्रेस और भारत के लोगों का हिंसा और नफरत जरा भी विश्वास नहीं है. रणदीप सिंह सुरजेवाला ने इस दौरान यह भी कहा कि जब महात्मा गांधी और कांग्रेस पार्टी के अन्य नेता व कार्यकर्ता देश की आजादी की लड़ाई लड़ रहे थे तो उस वक्त राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के लोग चुप्पी साधे बैठे हुए थे. कांग्रेस प्रवक्ता का यह भी कहना है कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की मौजूदा केंद्र सरकार शक्तियों का केंद्रीकरण कर रही है जिससे लोकतांत्रिक मूल्य प्रभावित हो रहे हैं.


‘भारतीय न्यायतंत्र दुनिया की सबसे मजबूत संस्था है.’  

— दीपक मिश्रा, सुप्रीम कोर्ट के पूर्व चीफ जस्टिस

दीपक मिश्रा ने यह बात सोमवार को चीफ जस्टिस के पद से सेवानिवृत्त होने के मौके पर दिए अपने संबोधन में कही. इस दौरान उन्होंने यह भी कहा, ‘न्याय में मानवीय चेहरा और मानवीय दृष्टिकोण दिखना चाहिए. यही वजह है कि न्यायपालिका गरीबों और अमीरों के आसुंओं में कोई फर्क नहीं करती. मैं भी लोगों की परख उनके इतिहास से नहीं बल्कि उनकी गतिविधियों और उनके नजरिये से करता हूं.’ इस दौरान उन्होंने आगे कहा कि अगले चीफ जस्टिस रंजन गोगाई भी सुप्रीम कोर्ट की गरिमा और न्यायिक स्वायत्तता को और आगे ले जाने का काम करेंगे.


‘रफाल विमान सौदे पर मैंने न तो नरेंद्र मोदी का समर्थन किया और न ही करूंगा.’  

— शरद पवार, नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष

शरद पवार का यह बयान बीते हफ्ते दिए अपने ही एक बयान के स्पष्टीकरण में आया है. उनका कहना है, ‘कुछ लोगों ने इसलिए मेरी आलोचना की क्योंकि मैंने रफाल सौदे को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का समर्थन किया था. लेकिन मैं समझता हूं कि मैंने कभी ऐसा नहीं किया.’ इससे पहले एक साक्षात्कार में शरद पवार ने कहा था, ‘लोगों को नरेंद्र मोदी की नीयत पर कोई शक नहीं है.’ उनके इस बयान को प्रधानमंत्री को क्लीन चिट दिए जाने के समान बताया गया था. उनके इस बयान से नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के दो वरिष्ठ सदस्यों ने पार्टी से इस्तीफा भी दे दिया था. हालांकि तब पार्टी के नेता प्रफुल्ल पटेल व सुप्रिया सुले ने कहा था कि शरद पवार के बयान को गलत तरीके से पेश किया गया है.


‘मानवाधिकार आयोग से जितने नोटिस भाजपा की मौजूदा सरकार को दिए गए हैं उतने उत्तर प्रदेश की किसी सरकार को नहीं मिले.’  

— अखिलेश यादव, उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री

अखिलेश यादव का यह बयान लखनऊ में विवेक तिवारी हत्याकांड को लेकर योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली उत्तर प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए आया है. उनका यह भी कहना है कि उत्तर प्रदेश में भाजपा सरकार के गठन के बाद जेल से लेकर सड़कों पर लोगों के एनकाउंटर हो रहे हैं. उधर एमआईएम के मुखिया असदुद्दीन ओवैसी ने योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधते हुए कहा है कि ऐसा लगता है उत्तर प्रदेश सरकार ‘ठोक देंगे’ की नीति पर काम कर रही है.


‘लोगों को आज आर्थिक आपातकाल का सामना करना पड़ रहा है.’  

— सचिन पायलट, कांग्रेस के नेता

सचिन पायलट का यह बयान पेट्रोल और डीजल के साथ घरों में इस्तेमाल होने वाली रसोई गैस के बढ़ते दामों के मद्देनजर आया है. उनका यह भी कहना है कि पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में इजाफे से लोगों की क्रय शक्ति पर विपरीत असर पड़ रहा है. सचिन पायलट के मुताबिक तेल के दामों को लेकर लोगों को राहत दिला पाने में भाजपा सरकार पूरी तरह से विफल साबित हुई है.