विश्व बैंक ने कई भारतीय कंपनियों और लोगों को दुनिया भर में चल रहीं अपनी विभिन्न परियोजनाओं से प्रतिबंधित कर दिया है. पीटीआई के मुताबिक विश्व बैंक ने एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी. इन कंपनियों को धोखाधड़ी और फर्जीवाड़े में लिप्त होने के कारण प्रतिबंधित किया गया है. विश्व बैंक ने दुनिया भर की कुल 78 कंपनियों पर यह रोक लगाई है.

बुधवार को जारी अपनी वार्षिक रिपोर्ट में विश्व बैंक ने ऑलिव हेल्थ केयर और फैमी केयर पर पिछले साल लगाए गए प्रतिबंध को जारी रखा है. ये दोनों बांग्लादेश में विश्व बैंक की एक परियोजना पर काम कर रहे थे. ऑलिव हेल्थ केयर को 2028 तक के लिए प्रतिबंधित किया गया है. उधर, फैमी केयर पर लगा प्रतिबंध इसी वर्ष 22 नवंबर को समाप्त होना था. लेकिन अब इसे अगले चार सालों के लिए बढ़ा दिया गया है.

जय मोदी इन कंपनियों की सूची में नया नाम है. इस कंपनी को सात साल छह महीने यानी 2025 तक के लिए प्रतिबंधित किया गया है. यह कंपनी भी बांग्लादेश में ही विश्व बैंक की परियोजनाओं पर काम कर रही थी. विश्व बैंक ने इनके अलावा एंजलिक इंटरनेशनल लिमिटेड को साढ़े चार साल के लिए प्रतिबंधित किया है. यह कंपनी इथियोपिया और नेपाल में विश्व बैंक के लिए काम कर रही थी.

इस सूची में भारत में ही कई परियोजनाओं पर काम करने वाली मधुकॉन प्रोजेक्ट्स लिमिटेड और आरकेडी कंस्ट्रक्शंस प्राइवेट लिमिटेड भी शामिल हैं. इन्हें क्रमश: दो वर्ष और डेढ़ वर्ष के लिए प्रतिबंधित किया गया है. एक साल से कम समय के लिए प्रतिबंधित की गई भारतीय कंपनियों में तात्वे ग्लोबल एनवायर्नमेंट प्राइवेट लिमिटेड, एसएमईसी (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड और मैकलॉड्स फार्मास्यूटिकल्स लिमिटेड शामिल हैं.