जम्मू-कश्मीर में अब से किसी की निजी सुरक्षा के लिए स्पेशल पुलिस ऑफिसर्स (एसपीओ) की तैनाती नहीं की जाएगी. पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) विधायक एजाज अहमद मीर की निजी सुरक्षा में तैनात एसपीओ के अपने साथ सात एके राइफलें और एक पिस्तौल लेकर फरार हो जाने के बाद यह फैसला लिया गया है. समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक आदिल बशीर नाम का यह एसपीओ आतंकवादी समूह हिजबुल मुजाहिदीन में शामिल हो गया है.

अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (सुरक्षा) मुनीर अहमद खान द्वारा जारी किए आदेश में कहा गया है, ‘अब से कोई भी यूनिट/एसएसपी निजी सुरक्षा ड्यूटी के लिए किसी भी एसपीओ को तैनात नहीं करेगी और सुरक्षा प्राप्त लोगों के साथ तैनात सभी एसपीओ (एसपीओ ड्राइवरों को छोड़कर) को तत्काल वापस बुलाया जाए.’

मुनीर अहमद खान के मुताबिक ऐसा देखा गया है कि कुछ एसपीओ सुरक्षा प्राप्त लोगों के साथ पीएसओ की ड्यूटी निभा रहे हैं जो सुरक्षा मानदंडों के अनुसार ठीक नहीं है क्योंकि एसपीओ को पीएसओ की ड्यूटी निभाने के लिये प्रशिक्षण नहीं दिया जाता. उनके द्वारा जारी आदेश में कहा गया है, ‘अगर कोई एसपीओ वापस नहीं आता है तो उसका मानदेय जारी नहीं किया जाएगा. ऐसे एसपीओ के नाम की सूची इस मुख्यालय को भेजी जाए ताकि उन्हें हटाने के आदेश जारी किए जाएं.’