आईसीआईसीआई बैंक की मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) चंदा कोचर ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. बैंक के बोर्ड ने इसकी घोषणा करते हुए कहा कि उसने इस इस्तीफे को स्वीकार कर लिया है. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज को सूचित करते हुए बोर्ड ने कहा कि उसके इस फैसले का चंदा कोचर के मामले में चल रही जांच पर कोई असर नहीं पड़ेगा. उसने बताया कि चंदा कोचर बैंक की सहायक कंपनियों के निदेशक मंडल से भी इस्तीफा देंगी. इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक बोर्ड ने संदीप बख्शी को नया मैनेजिंग डायरेक्टर (एमडी) और सीईओ नियुक्त किया है. वे तीन अक्टूबर, 2023 तक इस पद पर रहेंगे.

बता दें कि चंदा कोचर और उनके परिजन वीडियोकॉन समूह को दिए कर्ज के बदले फायदा लेने के आरोपों का सामना कर रहे हैं. चंदा कोचर पर आरोप है कि उन्होंने वीडियोकॉन समूह के वेणुगोपाल धूत को 3,250 करोड़ रुपये का कर्ज देने के मामले में वित्तीय अनियमितता बरती. यह मामला 2012 का है. आरोपों के मुताबिक वेणुगोपाल धूत ने यह कर्ज मंजूर होने के एवज में चंदा कोचर के पति दीपक की कंपनी को वित्तीय मदद दी थी. इसके बाद चंदा कोचर ने धूत को दिए कर्ज की बड़ी रकम को एनपीए (यानी वह पैसा जो वसूल नहीं किया जा सकता) घोषित करा दिया था.

चंदा कोटर 1984 में आईसीआईसीआई लिमिटेड में शामिल हुई थीं. 1990 में आईसीआईसीआई बैंक की स्थापना में उन्होंने अहम भूमिका निभाई थी. इस दौरान उन्होंने बैंक की इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनैंस और कॉर्पोरेट बिजनेस प्रमुख के रूप में काम किया. साल 2001 में उन्हें बैंक के निदेशक मंडल में शामिल किया गया. 2006-07 के बीच चंदा कोचर ने बैंक के कॉर्पोरेट और अंतरराष्ट्रीय मामलों का नेतृत्व किया. फिर 2007 और 2009 में उन्हें कंपनी का जॉइंट एमडी और सीईओ नियुक्त किया गया. 2009 में उन्हें सीईओ के साथ एमडी बना दिया गया. साल 2011 में उन्हें पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था.