दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) के नवनिर्वाचित छात्रसंघ अध्यक्ष अंकिव बसोया की फर्जी डिग्री मामले में मुश्किलें बढ़ती ही जा रही हैं. खबरों के मुताबिक तमिलनाडु के तिरुवल्लुवर विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार वी पेरुवल्लुथी ने राज्य के मुख्य शिक्षा सचिव को पत्र लिखते हुए जानकारी दी है कि अंकिव बसोया ने तिरुवल्लुवर विश्वविद्यालय में दाखिला नहीं लिया था और विश्वविद्यालय से जुड़े उनके प्रमाण पत्र फर्जी हैं.

वहीं डीयू ने भी इस मामले की जांच शुरू कर दी है. विश्वविद्यालय के बौद्ध शिक्षा अध्ययन विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो केटीएस सराओ ने टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया है कि डीयू ने पिछले हफ्ते ही तिरुवल्लुवर विश्वविद्यालय को पत्र लिखते हुए अनुरोध किया है कि वह अंकिव बसोया की अंकसूची और प्रमाण पत्र को सत्यापित करे. इसके साथ ही उन्होंने यह दावा भी किया है कि तिरुवल्लुवर विश्वविद्यालय ने अब तक इस पत्र का जवाब नहीं दिया है. अंकिव बसोया ने डीयू के बौद्ध शिक्षा अध्ययन विभाग में ही दाखिला लिया था.

इसके पहले कांग्रेस पार्टी की छात्र इकाई नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) ने दावा किया था कि डीयू के नवनिर्वाचित छात्रसंघ अध्यक्ष अंकिव बसोया द्वारा जमा की गई अंकसूची व प्रमाण-पत्र फर्जी हैं और उसने इस फर्जी डिग्री का इस्तेमाल कर डीयू में दाखिला लिया है. उसने यह दावा एक आरटीआई के जवाब में तिरुवल्लुवर विश्वविद्यालय से हासिल सूचना के आधार पर किया था.

अंकिव बसोया बीते 13 सितंबर को कराए गए दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव में एबीवीपी से अध्यक्ष पद पर निर्वाचित हुए थे. इस चुनाव में छात्रसंघ की तीन सीटों पर एबीवीपी और एक पर एनएसयूआई के उम्मीदवार ने जीत दर्ज की थी.