केंद्र सरकार ने लोगों को तेल की बढ़ती कीमतों से होने वाली जलन पर मरहम लगाने की कोशिश की है. इसके तहत पेट्रोल और डीजल पर लगने वाले उत्पाद शुल्क में 1.5 रुपये प्रति लीटर कमी करने का ऐलान किया गया है. साथ ही, सरकार ने तेल कंपनियों से ग्राहकों को एक रुपये प्रति लीटर राहत देने को कहा है. केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने राज्यों से भी लोगों को राहत देने की अपील की है. इसके बाद भाजपा शासित 13 राज्यों ने भी तेल की कीमतों में 2.5 रुपये तक की कमी की है.

वहीं, शेयर बाजार में गिरावट का सिलसिला लगातार जारी है. गुरुवार को सेंसेक्स 806 अंकों की गिरावट के बाद 35,169 पर बंद हुआ. उधर, निफ्टी में भी 259 अंकों की गिरावट देखी गई. दूसरी ओर, एक डॉलर के मुकाबले रुपये की कीमत ऐतिहासिक रूप से सबसे निचले स्तर 73.81 पर पहुंच गई. इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत 86 डॉलर प्रति बैरल को पार कर गई है.

निजी कंपनियां ऑफलाइन आधार सत्यापन जारी रख सकती हैं : यूआईडीएआई

आधार पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद भी निजी कंपनियां ऑफलाइन आधार सत्यापन जारी रख सकती हैं. बिजनेस स्टैंडर्ड में प्रकाशित खबर की मानें तो यूआईडीएआई के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अजय भूषण ने गुरुवार को ट्वीट कर इसकी जानकारी दी. अजय भूषण का कहना है कि पहचान के लिए आधार कार्ड की फोटो कॉपी लेने पर निजी कंपनियों पर कोई रोक नहीं है. उन्होंने कहा कि फिनटेक कंपनियों और आधार पर आश्रित स्टार्टअप के लिए कागजरहित ऑफलाइन केवाईसी और क्यूआर कोड आधारित सत्यापन व्यावहारिक विकल्प हैं. अजय भूषण का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट की रोक उन निजी कंपनियों के लिए है जो आधार को अनिवार्य कर रही थीं. इससे पहले शीर्ष अदालत ने निजी कंपनियों द्वारा पहचान के लिए आधार के इस्तेमाल को असंवैधानिक करार दिया था.

शेल्टर होम्स में बच्चों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त तंत्र नहीं : सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने शेल्टर होम्स में बच्चों के साथ बढ़ती अपराध की घटनाओं को रोकने के लिए मौजूदा तंत्र को लेकर नाखुशी जाहिर की है. अमर उजाला में प्रकाशित खबर के मुताबिक शीर्ष न्यायालय ने इसके लिए महिला और बाल विकास मंत्रालय से बाल सुरक्षा नीति बनाने को कहा है. साथ ही, उसने मंत्रालय के संयुक्त सचिव को आठ अक्टूबर को अदालत में पेश होने का आदेश भी दिया है. न्यायाधीश एमबी लोकुर की अध्यक्षता वाली पीठ का मानना है कि अगर मौजूदा तंत्र पर्याप्त और प्रभावी होता तो मुजफ्फरपुर जैसी घटनाएं नहीं घटतीं.

देश में टाइम जोन को लेकर फैसला जल्द

पूरा देश एक ही वक्त पर चलेगा या फिर अलग-अलग, इस पर जल्द ही फैसला हो सकता है. नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक टाइम जोन तय करने को लेकर गठित कमेटी ने अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप दी है. बताया जाता है कि देश में दो टाइम जोन की मांग पूर्वोत्तर के राज्य लगातार उठाते रहे हैं. इससे पहले साल 2012 में इस बारे में सरकार को दी गई एक रिपोर्ट में दो टाइम जोन की जगह पूरे देश के टाइम को आधा घंटा आगे बढ़ाने का सुझाव दिया गया था. फिलहाल उत्तर प्रदेश स्थित नैनी की देशांतरीय स्थिति के आधार पर पूरे देश का वक्त तय किया जाता है. वहीं, पूर्व में स्थित अरुणाचल प्रदेश और पश्चिम में गुजरात के सूर्योदय में करीब पौने दो घंटे का अंतर होता है.

194 नेताओं ने चुनावी हलफनामे में पैन की गलत जानकारी दी : रिपोर्ट

देश भर में अलग-अलग राजनीतिक दलों के 194 नेताओं ने चुनावी हलफनामे में अपने पैन की गलत जानकारी दी है. राजस्थान पत्रिका ने न्यूज वेबसाइट कोबरा पोस्ट के हवाले से कहा है कि इनमें भाजपा और कांग्रेस सहित 29 पार्टियों के बड़े चेहरे शामिल हैं. बताया जाता है कि कोबरापोस्ट ने इसके लिए 2006 से 2016 के बीच चुनाव आयोग के पास दाखिल हलफनामे का अध्ययन किया था. इसके बाद इसका खुलासा हुआ है. इस खुलासे के बाद लोक प्रतिनिधित्व कानून-1951 के तहत गलत जानकारी देने की वजह से निर्वाचित जनप्रतिनिधियों की सदस्यता रद्द हो सकती है.