प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने शुक्रवार को एस-400 मिसाइल सुरक्षा प्रणाली सहित आठ अहम समझौतों पर हस्ताक्षर किए. इनमें अंतरिक्ष, परमाणु और परिवहन क्षेत्र से जुड़े समझौते शामिल हैं. इस संबंध में नई दिल्ली स्थित हैदराबाद हाउस में हुई एक बैठक के बाद दोनों नेताओं ने एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस को भी संबोधित किया.

भारत-रूस के संबंध सागर से लेकर अंतरिक्ष तक हैं : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बताया कि दोनों देशों के बीच रेलवे, अंतरिक्ष और नाभिकीय क्षेत्र में कई समझौतों पर हस्ताक्षर हुए हैं. प्रधानमंत्री ने कहा, ‘भारत की विकास की कहानी में रूस की भी भूमिका रही है. हम रूस की भागीदारी का स्वागत करते हैं.’ उन्होंने आगे कहा कि भारत रूस के साथ अपने संबंधों को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है और तेजी से बदलते इस विश्व में भारत और रूस के सम्बन्ध पहले से और अधिक प्रासंगिक हो गए हैं. उन्होंने यह भी कहा कि मानव संसाधन विकास से लेकर प्राकृतिक संसाधनों , व्यापार से लेकर निवेश तक, नाभिकीय ऊर्जा के शान्तिपूर्ण सहयोग से लेकर सौर ऊर्जा तक, तकनीक से लेकर बाघ संरक्षण तक और सागर से लेकर अंतरिक्ष तक, भारत और रूस के सम्बन्धों का और भी विस्तार होगा.

भारत के साथ संबंधों को और मजबूत करेंगे : व्लादिमीर पुतिन

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अपने वक्तव्य में कहा कि भारत की यात्रा उनके लिए अहम है और भारत आना उनके लिए गर्व की बात है. उन्होंने दावा किया कि रूस के भारत के साथ मजबूत रिश्ते हैं और वे इन्हें और मजबूत करेंगे. उन्होंने कहा कि दोनों देश आपसी रणनीति और व्यापार-रक्षा संबंधों को भी आगे बढ़ाएंगे. इस दौरान उन्होंने बताया कि गगनयान अभियान में रूस भारत की मदद करेगा. इसके साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अगले व्लॉडीवोस्तोक फोरम में मुख्य अतिथि के तौर पर भी आमंत्रित किया है. रूस के राष्ट्रपति ने बताया कि उन्होंने सीरिया के हालात पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जानकारी दी है और उन्होंने ईरान से तेल खरीदने पर अमेरिकी प्रतिबंधों पर भी बात की है.

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन दो दिवसीय भारत यात्रा पर गुरुवार को नई दिल्ली पहुंचे हैं. यहां विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने उनका स्वागत किया था. उसके बाद पुतिन सीधे लोक कल्याण मार्ग स्थित प्रधानमंत्री आवास गए जहां दोनों नेताओं ने बैठक की और बाद में प्रधानमंत्री ने उनके लिए एक निजी रात्रिभोज का आयोजन किया. रूसी राष्ट्रपति के साथ एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी आया है जिसमें उप प्रधानमंत्री यूरी बोरिसोव, विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव और व्यापार एवं उद्योग मंत्री डेनिस मंतुरोव शामिल हैं.