चुनाव आयोग ने मद्रास हाई कोर्ट को बताया है कि उसे आधार को मतदाता पहचान पत्र (वोटर आईडी) और मतदाता सूची से जोड़ने में कोई आपत्ति नहीं है. समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, चुनाव आयोग ने यह जानकारी मद्रास हाई कोर्ट को एक याचिका की सुनवाई के दौरान दी जिसमें मतदाता सूची में फर्जी मतदाताओं के पंजीकरण को रोकने के लिए वोटर आईडी को आधार से जोड़ने की मांग की गई है. हालांकि, चुनाव आयोग ने ये भी कहा कि आधार की वैधता को बरकरार रखने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले का अध्ययन करने के बाद ही आधार को वोटर आईडी से जोड़ने पर कोई फैसला किया जाएगा.

मद्रास हाई कोर्ट में जस्टिस एस मणिकुमार और जस्टिस पीटी आशा की बेंच के समक्ष चुनाव आयोग के वकील निरंजन राजगोपालन ने बताया कि आधार को वोटर आईडी से जोड़ने की परियोजना पर होने वाले व्यय का भी अभी आकलन किया जाना शेष है. इसके साथ ही बेंच ने चुनाव आयोग के हलफनामे के आधार पर भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) और कानून एवं गृह मंत्रालय को भी याचिका में बतौर पक्षकार शामिल करते हुए मामले में सुनवाई की तारीख 29 अक्तूबर तय की है.