रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) ने शुक्रवार को नीतिगत ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया. इस खबर को आज के अधिकतर अखबारों ने पहले पन्ने पर जगह दी है. शुक्रवार को लिए गए इस फैसले के बाद रेपो दर 6.5 फीसदी और रिवर्स रेपो दर 6.25 फीसदी ही रहेगी. इससे पहले अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के बढ़ते दामों और रुपये के गिरते मूल्य के बीच ब्याज दरों को बढ़ाए जाने का अनुमान लगाया जा रहा था. दूसरी ओर, गुजरात में हिंदी भाषियों के खिलाफ हिंसा की खबर भी अखबारों की प्रमुख सुर्खियों में शामिल है. इन हिंसक घटनाओं के संबंध में अब तक करीब 150 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. साथ ही, 18 एफआईआर भी दर्ज की गई हैं. बताया जाता है कि सोशल मीडिया पर गुजरात से बाहर के लोगों के खिलाफ कई तरह के संदेश फैलाए गए हैं.

राम मंदिर निर्माण को लेकर कानून न बनाने पर कार सेवा की चेतावनी

विश्व हिंदू परिषद (विहिप) से जुड़े संतों की उच्चाधिकार समिति ने उत्तर प्रदेश के अयोध्या में जल्द राम मंदिर निर्माण करने का प्रस्ताव पारित किया है. अमर उजाला में छपी खबर के मुताबिक समिति ने केंद्र सरकार से इसके लिए तत्काल अध्यादेश लाने और संसद के शीतकालीन सत्र में इसे कानून का दर्जा देने की मांग की है. वहीं, समिति ने ऐसा न होने पर छह दिसंबर, 2018 से कारसेवा कर मंदिर निर्माण करने की भी चेतावनी दी है. बताया जाता है कि समिति की बैठक के बाद संतों ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को इस बारे में ज्ञापन सौंपा है. दूसरी ओर, 31 अक्टूबर को मुंबई में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की बैठक में भी इस बारे में चर्चा होनी है. बताया जाता है कि राम मंदिर के लिए नई रणनीति को इसी बैठक में तय किया जाएगा.

कोषागार खाली है तो फिर सरकार जनता के पैसे क्यों लुटा रही है? : कलकत्ता हाई कोर्ट

कलकत्ता हाई कोर्ट ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को झटका दिया है. राजस्थान पत्रिका में छपी खबर के मुताबिक अदालत ने दुर्गा पूजा के लिए दी जाने वाली 28 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता पर रोक लगा दी है. इस बारे में एक याचिका पर सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने कहा, ‘एक तरफ तो सरकार कहती है कि कोषागार खाली है तो फिर वह जनता के पैसों को क्यों लुटा रही है?’ साथ ही, अदालत ने सरकार से यह भी पूछा कि क्या वह सभी धर्मों के हर प्रमुख त्योहार के लिए समान रकम देती है. कलकत्ता हाई कोर्ट ने इस मामले की अगली सुनवाई के लिए नौ अक्टूबर की तारीख तय की है.

अमेरिकी प्रतिबंध के बाद भी ईरान से तेल खरीदने के संकेत

भारत ने ईरान पर आर्थिक प्रतिबंधों के बाद भी उससे तेल खरीदने के संकेत दिए हैं. नवभारत टाइम्स की खबर की मानें तो देश की सरकारी तेल कंपनियों ने ईरान से 12.5 लाख टन क्रूड ऑयल खरीदने के लिए करार किया है. साथ ही, इसके लिए डॉलर में पेमेंट्स की जगह रुपये में कारोबार करने की भी तैयारी की गई है. अखबार ने सूत्रों के हवाले से कहा है कि इंडियन ऑयल कार्पोरेशन और मंगलोर रिफाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल्स लिमिटेड नवंबर में ईरान से तेल आयात करने वाला है. वहीं, अगले महीने ही ईरान के खिलाफ अमेरिकी प्रतिबंध लागू होने वाले हैं.

त्रिपुरा में एनआरसी पर कोई फैसला नहीं : गृह मंत्रालय

केंद्र सरकार ने साफ किया है कि असम की तरह त्रिपुरा में भी नेशनल रजिस्टर फॉर सिटिजन्स (एनआरसी) के लिए कोई फैसला नहीं किया गया है. द हिंदू की रिपोर्ट के मुताबिक गृह मंत्रालय ने बताया कि गुरुवार को राज्य की इंडिजनस नेशनलिस्ट पार्टी ऑफ त्रिपुरा (आईएनपीटी) ने इस बारे में केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की थी. हालांकि, सरकार की ओर से इस पर पार्टी को कोई आश्वासन नहीं दिया गया. साथ ही, मंत्रालय ने त्रिपुरा में एनआरसी लागू होने को लेकर मीडिया में प्रकाशित रिपोर्टों को गलत बताया है. आईएनपीटी सूबे में सत्ताधारी भाजपा की सहयोगी पार्टी है.