विदेशी निवेशकों के भारतीय बाजारों से पूंजी निकालने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है. आंकड़ों के मुताबिक पिछले चार दिनों में विदेशी निवेशकों ने भारतीय पूंजी बाजार से 9300 करोड़ रुपये निकाले हैं. इससे पहले सितंंबर में भी विदेेशी निवशकों ने बाजार से 21000 करोड़ की निकासी की थी.

पीटीआई के मुताबिक विदशी निवेेशकोंं की इस निकासी की प्रमुख वजह कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और कमजोर रुपये को माना जा रहा है, जिसके कारण भारतीय बाजारों की हालत डगमगा रही है. बजाज कैपिटल के उपाध्यक्ष और निवेश प्रमुख अलोक अग्रवाल ने कहा, ‘कच्चे तेल की कीमतों और अमेरिकी ब्रांड के रिटर्न में वृद्धि और वैश्विक स्तर पर डॉलर की आपूर्ति की तंग स्थिति इसके पीछे की प्रमुख वजह है क्योंकि इसके चलते ही मुद्रा बाजार, बांड और शेयर बाजार में भारी उतार-चढ़ाव देखा गया है.’

खबरों के मुताबिक इसके पीछे की एक वजह आरबीआई का फैसला भी है. कमजोर रुपये को देखते हुए माना जा रहा था कि भारतीय रिजर्व बैंक अपनी ब्याज दरें बढा सकता है. लेकिन, शुक्रवार को आई मौद्रिक नीति समीक्षा मेंं ब्याज दर न बढ़ाने का फैसला लिया गया था जिसके बाद शेयर बाजार 700 से ज्यादा अंक लुढ़क गया था.