रफाल विमान सौदे में कथित अनियमितता का मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है. खबरों के मुताबिक इसकी जांच को लेकर अदालत में दो याचिकाएं दाखिल की गई है. पहली याचिका सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता विनीत ढांडा ने दायर की है. उन्होंने इस याचिका में मांग की है कि अदालत केंद्र सरकार को सौदे से संबंधित सभी जानकारियां सार्वजनिक करने का निर्देश दे. इसके साथ ही इस याचिका में यह भी कहा गया है कि फ्रांस की कंपनी दसॉ एविएशन और रिलायंस डिफेंस के बीच हुए सौदे का विवरण सार्वजनिक किया जाए. सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली एक तीन सदस्यीय पीठ इस याचिका पर 10 अक्टूबर को सुनवाई करेगी.

इसके पहले अधिवक्ता एमएल शर्मा ने भी एक याचिका दायर की थी. इस याचिका में उन्होंने दावा किया था कि रफाल विमान सौदे में विसंगतियां हैं. उन्होंने मांग की थी कि इस मसझौते को रद्द कर दिया जाए. उनकी दलील थी कि इसे संविधान के अनुच्छेद 253 के तहत संसद द्वारा अनुमोदित नहीं किया गया था. एमएल शर्मा की इस याचिका पर भी 10 अक्टूबर को ही सुनवाई होनी है.

भारत ने साल 2016 में फ्रांस की सरकार के साथ 58000 करोड़ रुपये की लागत से 36 रफाल लड़ाकू जेट खरीदने के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए थे. कांग्रेस ने मोदी सरकार पर यह सौदा तय से तीन गुना ज्यादा कीमत पर करने का आरोप लगाया है. उसका यह भी कहना है कि मोदी सरकार ने अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस डिफेंस को फायदा पहुंचाने के मकसद से इस सौदे में शामिल किया है. हालांकि मोदी सरकार कांग्रेस के इन आरोपों को नकार रही है.