गुजरात में हिंदीभाषियों पर हमले से जुड़ी घटनाओं को लेकर जहां राजनीतिक माहौल गरम है तो वहीं इसकी गूंज सोशल मीडिया पर भी दिखाई दे रही है. इस मामले में भाजपा ने कांग्रेस और उसके नेता अल्पेश ठाकोर पर आरोप लगाए हैं तो वहीं कांग्रेस इसके लिए सत्ताधारी पार्टी पर सवाल खड़े कर रही है. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी का ट्वीट है, ‘गरीबी से बड़ी कोई दहशत नहीं है. गुजरात में हो रही हिंसा की जड़ वहां के बंद पड़े कारख़ाने और बेरोज़गारी है. व्यवस्था और अर्थव्यवस्था दोनों चरमरा रही है. प्रवासी श्रमिकों को इसका निशाना बनाना पूर्णत ग़लत है. मैं पूरी तरह से इसके ख़िलाफ़ खड़ा रहूंगा.’ वहीं इसके जवाब में गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी का ट्वीट है, ‘अगर कांग्रेस अध्यक्ष गुजरात में हिंसा के खिलाफ हैं तो उन्हें अपनी पार्टी के सदस्यों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए जो राज्य में प्रवासियों के खिलाफ हिंसा भड़का रहे हैं. ट्वीट करने से समस्या समाधान नहीं होगा...’

गुजरात में बलात्कार की एक घटना के बाद हिंदीभाषियों के खिलाफ हिंसा का यह सिलसिला शुरू हुआ है. इस मामले में पुलिस ने बिहार के एक व्यक्ति को हिरासत में लिया था. इस हवाले से सोशल मीडिया पर हिंसा करने वालों को घेरते हुए कई तंजभरी प्रतिक्रियाएं भी आई हैं. कपिल का ट्वीट है, ‘बिहार के एक व्यक्ति द्वारा अपराध करने की वजह से उत्तर भारतीयों पर हमले हो रहे हैं और उन्हें गुजरात छोड़ने के लिए मजबूर किया जा रहा है. लेकिन इस तर्क के हिसाब से तो बैंकों को सारे गुजरातियों को कर्ज देना बंद कर देना चाहिए.’

सोशल मीडिया में इस मसले पर आई कुछ और प्रतिक्रियाएं :

शिवम विज | @DilliDurAst

गुजरात में कथिततौर पर एक बिहार के व्यक्ति ने बलात्कार किया और इसके बाद सभी पूरबिया प्रवासियों को जिम्मेदार ठहराया गया, उन्हें निशाना बनाया गया, घर वापस लौटने पर मजबूर किया गया. इस दलील के हिसाब से सभी भारतीयों को अपनी मुश्किलों के लिए गुजरात को जिम्मेदार ठहराना चाहिए.

कीर्तीश भट्ट | @Kirtishbhat

प्रशांत भूषण |‏ @pbhushan1

गुजरात में संगठित गुटों द्वारा उत्तर प्रदेश और बिहार के प्रवासी मजदूरों को निशाना बनाकर राज्य छोड़ने के लिए मजबूर किया जा रहा है. यह मोदी के न्यू इंडिया में न्यू गुजरात है!

नवेन्दु | @NavenduSingh_

उत्तर प्रदेश और बिहार के जो लोग गुजरात मॉडल की कहानियां सुनाया करते थे, वे अब उसका असर भुगतने को मजबूर हैं.