गुजरात को हिंदीभाषियों के लिए सुरक्षित बताते हुए राज्य के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने उनसे वापस लौटने की अपील की है. सोमवार को उन्होंने कहा कि पुलिस ने स्थिति पर काबू पा लिया है. इस खबर को आज के कई अखबारों ने पहले पन्ने पर जगह दी है. विजय रूपाणी ने बताया कि गैर-गुजरातियों पर हुए हमलों के सिलसिले में अब तक 431 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. साथ ही, हिंदीभाषियों की सुरक्षा के लिए गुजरात के औद्योगिक इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बल भी तैनात किए गए हैं.

वहीं, इस मामले को लेकर उत्तर प्रदेश और बिहार के मुख्यमंत्रियों- योगी आदित्यनाथ और नीतीश कुमार ने भी विजय रूपाणी से बात की है. दोनों मुख्यमंत्रियों ने हालात पर चिंता जताई है. बताया जा रहा है कि सूबे में हिंसक घटनाओं को देखते हुए उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और बिहार के करीब 20 हजार लोग गुजरात छोड़ चुके हैं. बीती 28 सितंबर को गुजरात के साबरकांठा से 14 महीने की एक बच्ची के साथ बलात्कार की खबर आई थी. इसके बाद राज्य के कई जिलों में हिंदीभाषी लोगों पर हमलों की घटनाएं हुई हैं.

दूरसंचार क्षेत्र में अब मोबाइल बिल बढ़ने की संभावना

दूरसंचार क्षेत्र में रिलायंस जिओ के आने के बाद कीमतें कम रखने की जो होड़ शुरू हुई थी वह अब खत्म होती दिख रही है. इसके बाद उपभोक्ताओं का मोबाइल बिल बढ़ने की संभावना जताई जा रही है. नवभारत टाइम्स ने इस क्षेत्र के जानकारों और कुछ सरकारी अधिकारियों के हवाले से जानकारी दी है कि आने वाली दो तिमाहियों में कंपनियां कॉल दरों में कुछ बढ़ोतरी कर सकती है. हालांकि, इसमें बड़ी बढ़ोतरी छह महीने बाद होने की भी संभावना जाहिर की गई है. बताया जाता है कि कॉल दरें बढ़ाने में सबसे बड़ी भूमिका रिलायंस जिओ की ही हो सकती है जिसने 2016 में अपने शुरूआती समय से ही इन्हें कम करने और रखने की होड़ शुरू कर रखी है.

राष्ट्रीय स्तर पर महागठबंधन संभव नहीं : सीताराम येचुरी

मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीएम) महासचिव सीताराम येचुरी ने राष्ट्रीय स्तर पर महागठबंधन की संभावना को खारिज किया है. हिंदुस्तान में प्रकाशित खबर की मानें तो उन्होंने अगले लोकसभा चुनाव से पहले विपक्षी दलों की ओर से महागठबंधन बनाने के कोशिशों को जमीनी हकीकत से दूर बताया है. येचुरी का मानना है कि राष्ट्रीय स्तर पर महागठबंधन संभव नहीं है. उन्होंने बताया कि उनकी पार्टी की केंद्रीय समिति ने अलग-अलग राज्यों में धर्मनिरपेक्ष दलों के साथ आपसी समझ के आधार पर चुनावी सहयोग करने का फैसला किया है. इसके तहत भाजपा उम्मीदवारों को हराने के लिए दूसरे दलों के मजबूत प्रत्याशियों को समर्थन दिया जाएगा.

राजस्थान : जीका वायरस के 22 मामले सामने आए

राजस्थान में जीका वायरस के 22 मामले सामने आए हैं. द हिंदू की रिपोर्ट के मुताबिक केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने सोमवार को इसकी जानकारी दी. इसके बाद केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा ने राज्य सरकार की मदद के लिए सात सदस्यीय उच्च स्तरीय दल का गठन कर उसे तत्काल जयपुर रवाना किया है. बताया जाता है कि स्थिति की प्रतिदिन के आधार पर निगरानी और समीक्षा की जाएगी. जीका वायरस एडीज़ एजिप्टी नाम के मच्छर से फैलता है. इसके लक्षणों में बुखार, जोड़ों का दर्द, शरीर पर लाल चकत्ते, थकान और सिर दर्द होना शामिल है. इससे गर्भवती महिलाओं के प्रभावित होने पर पैदा होने वाला बच्चा आकार में छोटा और अविकसित दिमाग का होता है.