चिटफंड स्कीमों ने अगर कई लोगों को बैठे-बिठाए लखपति-करोड़पति बनाया है तो कइयों को लाखों-करोड़ाें का चूना लगाया है. और सूत्रों के हवाले से जो ख़बर सामने आई है उसके मुताबिक जिन लोगों को चूना लगा है उनमें क्रिकेटर युवराज सिंह की मां शबनम भी शामिल हो सकती हैं. अनुमान है कि उन्हें लगभग 50 लाख रुपए का घाटा हुआ है.

द इकॉनॉमिक टाइम्स के अनुसार युवराज की मां शबनम सिंह ने साधना एंटरप्राइज़ेज़ नाम की एक चिटफंड कंपनी की निवेश योजना में लगभग एक करोड़ रुपए निवेश किए थे. कंपनी ने निवेशकों से हर निवेश पर सालाना 84 फीसदी लाभांश देने का वादा किया था. हालांकि फिलहाल यह और इसके जैसी कई चिटफंड कंपनियां कालेधन को सफेद करने के आरोपों के सिलसिले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच के दायरे में आ चुकी हैं. जांच से जुड़े ईडी के एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर इसकी पुष्टि की है.

सूत्रों ने बताया कि शुरूआती आकलन ही बताता है कि चिटफंड स्कीमों के तहत कालेधन सफेद करने का घोटाला लगभग 700 करोड़ रुपए से ज़्यादा का हो सकता है. इसमें शबनम सिंह का नाम भी सामने आया है. उन्हें उनके निवेश की रकम का आधा हिस्सा (50 लाख रुपए) ही वापस मिला है. बताया जाता है कि जांच के सिलसिले में ही ईडी ने 23 अगस्त को शबनम सिंह को एक पत्र भी भेजा था. इसमें उनसे सात दिनों के भीतर संबंधित फर्म के साथ हुए तमाम लेन-देन और कर दस्तावेज़ की जानकारी मांगी गई थी.

हालांकि शबनम सिंह ने इन ख़बरों को ग़लत बताया है. उन्होंने टाइम्स ऑफ इंडिया समूह के सहयोगी अख़बार ‘द मिरर’ से बातचीत में कहा, ‘मुझे ईडी से कोई नोटिस नहीं मिला है. मेरे ख़िलाफ़ न ही कोई जांच आदि की कार्यवाही शुरू की गई है. मुझसे सिर्फ कुछ जानकारियां और स्पष्टीकरण ही मांगे गए थे. वह मैंने संबंधित अधिकारियों को उपलब्ध करा दिए हैं. मैं कानून का पालन करने वाले नागरिकों में से हूं. मैं आगे भी इस मामले में पूरा सहयोग करूंगी. मुझसे जो भी जानकारियां मांगी जाएंगी उन्हें उपलब्ध कराऊंगी. ’