सोशल मीडिया पर ‘मी टू’ अभियान लगातार चर्चा में है. इस कड़ी में सोमवार को लेखिका और निर्देशक विंता नंदा ने एक फेसबुक पोस्ट के जरिए अभिनेता आलोक नाथ पर दो दशक पहले उनके साथ बलात्कार करने का आरोप लगाया है. फेसबुक और ट्विटर पर आज यह खबर कई लोगों ने शेयर की है और इसके चलते यहां आलोक नाथ ट्रेंडिंग टॉपिक में शामिल हुए हैं. ज्यादातर लोगों ने यहां आलोक नाथ के ऊपर गुस्सा जताया है और कहा है कि उन्हें इस अपराध की सजा मिलनी ही चाहिए. ट्विटर हैंडल @CatWomaniya पर प्रतिक्रिया है, ‘तमाम ट्रोलिंग के बीच आलोक नाथ को कानून के कटघरे में लाने से जुड़ी बात न भूली जाए. जो उन्होंने किया है, उसके लिए उन्हें जेल होनी चाहिए.’

फिल्मों और टीवी सीरियलों में निभाए अपने आदर्शवादी किरदारों की वजह से अब तक आलोक नाथ के साथ ‘संस्कारी’ का टैग जुड़ा रहा है. सोशल मीडिया में कई लोगों ने इस हवाले से उन पर तंजभरी टिप्पणियां की हैं. अनुराग मुस्कान की फेसबुक पोस्ट है, ‘‪आदमी को ‘सदाचारी’ होना चाहिए, ‘संस्कारी’ तो आलोक नाथ भी हैं.’

इसी खबर पर सोशल मीडिया में आई कुछ और प्रतिक्रियाएं :

स्वाति | @singhaiswati09

यानी आलोक नाथ ने ‘सोनू के टीटू की स्वीटी’ में एक्टिंग नहीं की थी... वही उनका असली किरदार है.

वालक | @reaperelite_

आलोक नाथ : अपेक्षा बनाम असलियत

गब्बर | @GabbbarSingh

अगर आलोक नाथ जैसे चरित्र अभिनेता भी अपने सहकर्मियों का बलात्कार करके बच सकते हैं तो भगवान ही जानता है कि बॉलीवुड के हमारे लीड एक्टर्स ने बीते सौ सालों में क्या किया होगा.

तोतलानी कृष्णन | @kktotlani

मैं आलोक नाथ या विंता नंदा पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहता, लेकिन ‘मी टू’ बिना कोई सबूत के किसी भी व्यक्ति की प्रतिष्ठा बर्बाद करने का बड़ा ही खतरनाक तरीका है.

जेट ली (वसूली भाई)‏ | @Vishj05

‘मी टू’ अभियान से भारत में सबसे अच्छी चीजें सामने आ रही हैं.
1. आप अब संस्कारी टैग के पीछे छिपे नहीं रह सकते.
2. एआईबी अब उबाऊ वीडियो बनाना बंद कर देगा.