केंद्रीय मंत्री और पूर्व संपादक एमजे अकबर पर उनके पत्रकारिता के दिनों के दौरान लगे यौन उत्पीड़न के आरोपों पर केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी ने प्रतिक्रिया दी है. बुधवार को उन्होंने कहा कि यौन उत्पीड़न के आरोपों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए क्योंकि अक्सर महिलाएं इस मामले में बात करने से डरती हैं. द टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक मेनका गांधी ने एक समाचार चैनल से बातचीत में कहा कि जो लोग मजबूत पदों पर होते हैं वे अक्सर ऐसा करते हैं और यह बात मीडिया से लेकर राजनीति और कॉरपोरेट जगत तक हर क्षेत्र में लागू होती है.

केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने यह भी कहा, ‘महिलाएं बोलने से डरती हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि लोग उनका मजाक उड़ाएंगे और उनके चरित्र पर संदेह करेंगे लेकिन अब जब वे बात कर रही हैं तो हमें प्रत्येक आरोप के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए.’ इससे पहले, मंगलवार को विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से जब एमजे अकबर पर लगे आरोपों के बारे में पूछा गया तो उन्होंने सवाल का कोई जवाब नहीं दिया था.

विदेश राज्य मंत्री एमजे अकबर पर यौन शोषण का आरोप पत्रकार प्रिया रमानी ने लगाया है. उन्होंने यौन शोषण पर लिखे अपने एक संस्मरण का लिंक शेयर करते हुए एमजे अकबर का नाम लिखा. प्रिया रमानी ने पिछले साल ‘वोग’ पत्रिका में यह संस्मरण लिखा था. हालांकि, तब उन्होंने एमजे अकबर का नाम नहीं लिया था. बता दें कि एमजे अकबर कई अखबारों और पत्रिकाओं में संपादक रह चुके हैं. सोशल मीडिया पर हैशटैग मी टू अभियान के तहत महिलाएं यौन उत्पीड़न के खिलाफ लिख रही हैं. इस मुहिम में कई लोगों के नाम सामने आ रहे हैं.